नोएडा। ई-वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण के लिए परेशान हैं तो एक हेल्पलाइन नंबर घुमाइए। ई-वेस्ट लेने को वाहन न केवल आपके घर पहुंचेगा, बल्कि आपके ई-वेस्ट का प्रति किलोग्राम के हिसाब से उचित भुगतान भी करेगा। इसके साथ ही मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर जैसे ई-वेस्ट से डाटा किसी गलत हाथ में पड़ने की आशंका भी समाप्त हो जाएगी। घर पहुंचे ई-वेस्ट वाहन सुरक्षित वैज्ञानिक पद्धति से ई-वेस्ट का निस्तारण करेगा।
सोमवार को नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने ई-वेस्ट वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के दौरान यह बात कही। इस दौरान उनके साथ ओएसडी इंदूप्रकाश सिंह भी मौजूद रहे। सीईओ ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 के लिए कई प्रकार की तैयारियां की जा रही हैं। इसी कड़ी में प्राधिकरण ने दिसंबर 2021 में मैसर्स ग्रीन इनबिल्ड आईटी सोल्यूशन और मैसर्स आरएलजी सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक दो कंपनियों से करार किया था। दोनों ही कंपनियों द्वारा ई-वेस्ट कलेक्शन वैन की शुरुआत की गई है। इन वैन में इलेक्ट्रॉनिक बैलेंस, फायर सेफ्टी किट और विशेष प्रकार का ऑयल आर्ब्जरवर फ्लोर लगाए गए हैं।
कोई भी व्यक्ति छोटा-मोटा ई-वेस्ट इन कंपनियों के सेंटर पर जाकर बेच सकता है। इसके अलावा अगर ई-वेस्ट बल्क में है तो इन कंपनियों के टोल फ्री नंबर- 18002031460 और 18004190431 पर संपर्क कर सकते हैं। कंपनी की गाड़ी आपके घर पहुंचेगी और मौके पर ही ई-वेस्ट को तौलकर उसका भुगतान कर देगी। प्रत्येक वैन पर ई-वेस्ट के लिए प्रति किलो के हिसाब से ई-वेस्ट की राशि अंकित कर दी गई है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि इससे न केवल जिले के ई-वेस्ट का सुरक्षित तरीके से निस्तारण हो जाएगा, बल्कि प्रति किलो एक रुपये के हिसाब से संबंधित कंपनियां प्राधिकरण को रॉयल्टी भी देंगी।
यह होता है ई-वेस्ट
टीवी, एलईडी, स्पीकर, वीसीआर, स्मार्ट फोन, लैंडलाइन फोन, वैक्यूम क्लीनर, वाटर प्यूरीफायर, इंडक्शन स्टोव, सीपीयू, कैबिनेट, हार्ड डिस्क, लैन कार्ड, सीआरटी, की-बोर्ड, इलेक्ट्रिक कैटल, हेयर ड्रॉयर आदि।