लखीमपुर खीरी। ऐतिहासिक दशहरा मेले के सातवें दिन करवा चौथ के पावन अवसर पर आयोजित जवाबी कव्वाली ने समरसता और प्रेम का अद्भुत संदेश दिया। कव्वाली के मंच पर बरेली के प्रसिद्ध कव्वाल साबिर चिश्ती और कव्वाल मुस्कान बरेली ने सुरों के ऐसे रंग बिखेरे कि पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
साबिर चिश्ती ने जब गाया जिसे मुस्तफ़ा से मोहब्बत नहीं है, क़ुबूल उसकी कोई इबादत नहीं है... तो श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। वहीं मुस्कान बरेली ने अपने बोल बहती है प्रेम की गंगा बहने दो, क्यों करते हो देश में दंगा रहने दो और हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबका एक ही नारा है ये भारत देश हमारा है से सौहार्द्र का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व मंत्री हाजी आरए उस्मानी ने दीप जलाकर किया और कहा कि गंगा-जमुनी तहज़ीब की यह शाम लखीमपुर की पहचान है। अध्यक्षता पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने की और संचालन राममोहन गुप्त ने किया। आयोजन का संयोजन राशिद खान, बरकत अली, शमशुल हसन, निगार अली और शमीम बानो ने किया। इससे पूर्व पालिका परिषद की ओर से अब्दुल मन्नान, जमील अहमद, राजेंद्र अजमानी सहित कई लोगों को सम्मानित किया गया।