जहां खिलने थे फूल, वहां अब कचरे का अंबार
सेक्टर-54 में पेट्रोल पंप के पास ग्रीन बेल्ट की जमीन पर सैकड़ों टन कूड़ा-कचरा डाला गया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की चौपट हो रही सफाई व्यवस्था के बीच जहां-तहां कूड़े के ढेर लग रहे हैं। सेक्टर-54 में तो व्यवस्था और भी खराब दिख रही है। यहां पर ग्रीन बेल्ट में ही कूड़े का डंपिंग ग्राउंड बनाया जा रहा है।
पेट्रोल पंप के बगल में कीकर के पेड़ों के पीछे सैकड़ों टन कूड़ा-कचरा ग्रीन बेल्ट में डाल दिया गया है। हर दिन यहां कूड़ा डलवाया जा रहा है। अब कूड़ा इतना बढ़ गया है कि सड़क से भी दिखाई देने लगा है लेकिन नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्कल के प्रभारी व इंजीनियर को शहर के बीच में डाला जा रहा यह कूड़ा नहीं दिख रहा है। अब कूड़े की बदबू भी फैलने लगी है। गनीमत यह है कि यहां नजदीक में घर नहीं हैं।
गीले-सूखे कूड़े की छटनी, सूखे कूड़े का निस्तारण मेटेरियल रिकवरी फैसेलिटी (एमआरएफ) पर और गीला कूड़ा बायोमेथिनाइजेशन से निस्तारित करने के प्राधिकरण के दावों की पोल भी इस अवैध डंपिंग ग्राउंड में खुल रही है। यहां पर दिनभर कई कबाड़ी कूड़े से लोहे और प्लास्टिक की छटनी कर रहे हैं। इसमें छोटे-छोटे बच्चों को भी लगाया जा रहा है। यह कूड़ा कौन डलवा रहा है और कौन कबाड़ी किस अधिकारी की मिलीभगत से छटनी करवा रहा है यह भी स्पष्ट नहीं है। कई बार मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें भी यहां पर कचरा व धूल खाली करती हुई दिखाई देती हैं।
एफसीटीएस से कुछ ही दूरी पर डाला जा रहा कूड़ा
सेक्टर-54 में ही पेट्रोल पंप के पास डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एजेंसी एजी एन्वायरो का फिक्स काम्पैक्ट ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) भी है। यह सेंटर टिन शेड से ढका हुआ है ताकि कूड़ा खुले में न जाने पाए और बदबू न फैले। इस सेंटर से कुछ ही दूरी पर यह कूड़ा डाला जा रहा है। कूड़े में अगर आग लग गई तो आस-पड़ोस के सेक्टर-53, 61, 22, गिझोड़ गांव के निवासियों की समस्या बढ़ जाएगी।
कोट-
संबंधित वर्क सर्कल और कूड़ा प्रबंधन के प्रभारी अधिकारियों से डाले जाने वाले कूड़े को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी। खुले में कूड़ा न डाला जाए यह निर्देश भी दिए जाएंगे। -वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण