- बोगस बिल और फर्जी इनवॉइस के जरिये किया था आईटीसी क्लेम, मुख्य आरोपी पहले ही जेल में
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फर्जी फर्म बनाकर 1.74 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को सीआरटी और सेक्टर-58 थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर कई बोगस फर्म तैयार कीं और फर्जी बिलों के जरिये इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम किया। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अमित कुमार के रूप में हुई। अमित ने 29 जुलाई 2024 को जीएसटी नंबर प्राप्त किया था। इसके बाद अपने साथियों के साथ मिलकर आलम इंटरप्राइजेज, केएस इंटरप्राइजेज, सीपी ट्रेडर्स और ट्रेडियोग्राफी के नाम से फर्जी फर्में तैयार कर लीं। जांच में सामने आया कि वर्ष 2024-25 के दौरान बिना किसी वास्तविक खरीद-फरोख्त के करीब 1.74 करोड़ रुपये का बोगस आईजीएसटी क्लेम किया। इसके लिए कागजों में फर्जी इनवॉइस और आपूर्ति दर्शाकर आईटीसी का दावा किया गया। फर्म केएस इंटरप्राइजेज ने आलम इंटरप्राइजेज से खरीद और सीपी ट्रेडर्स को बिक्री दर्शाई, जबकि सीपी ट्रेडर्स ने ट्रेडियोग्राफी को बिक्री दिखाकर आईटीसी क्लेम की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इस तरह फर्जी इनवॉइस और कागजी लेनदेन के जरिये बोगस इनवर्ड और आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर टैक्स क्रेडिट हासिल करने की कोशिश की गई। मामले में पीड़ित की ओर से बीते वर्ष 25 अक्तूबर को सेक्टर-58 थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान पुलिस को फर्जी फर्मों और इनवॉइस के जरिये किए गए पूरे नेटवर्क का पता चला।
आरोपी अमित कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ये फर्में तैयार की थीं। हालांकि आईटीसी क्लेम की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही जीएसटी विभाग ने ट्रेडियोग्राफी फर्म को बंद कर दिया, जिससे पूरा क्लेम जारी नहीं हो सका। वहीं, गिरोह का सदस्य शुभम कुमार वर्तमान में हरियाणा की भोंडसी जेल में बंद है जो कि पूरे नेटवर्क को संभालता था। आईटीसी क्लेम होने के बाद रकम को साझेदारों में बांटने का काम भी वही करता था। बीती 12 मार्च को नई दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन के रहने वाले रोहन गुप्ता को भी गिरफ्तार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।