रायबरेली। जब राशन मिलना बंद हो गया तो लोगों में ई केवाईसी कराने की होड़ मच गई। बार-बार मौका मिलने के बाद भी ई केवाईसी न कराने पर ये कार्रवाई की गई। अब तक 45 हजार यूनिटों की ई केवाईसी कराई गई है। रोजाना से तीन से पांच हजार लोग इस प्रक्रिया को करवा रहे हैं। जिले में 1.99 यूनिटों का राशन तीन माह के लिए रोका गया है। ईकेवाईसी कराने के बाद ही इन्हें राशन दिया जाएगा।
जिले में पात्र गृहस्थी और अंत्योदय के 5,61,657 कार्डों में 21,98 लाख यूनिटें शामिल हैं। पिछले कई माह से यूनिटों की ई केवाईसी का काम चल रहा है, लेकिन अब तक 1.99 यूनिटों का काम पूरा नहीं हो सका है। अब तक 19.63 यूनिटों की ही ई केवाईसी का काम पूरा हुआ है। विभाग ने राशन की कालाबाजारी को रोकने के लिए बायोमीट्रिक तरीके से राशन वितरण शुरू कराया है। ईकेवाईसी का काम धीमा होने पर शासन ने संबंधित यूनिटों का तीन माह का राशन रोक दिया।
ईकेवाईसी कराने के बाद भी राशन देने के आदेश दिए गए हैं। बीती 10 सितंबर से राशन वितरण शुरू हुआ है, लेकिन राशन न मिलने पर संबंधित यूनिटों की ई केवाईसी का काम तेज हो गया है। गत 22 सितंंबर को 5936 यूनिटों की ईकेवाईसी कराई गई। 13 दिन में जिले में 45 हजार यूनिटों की ईकेवाईसी कराई गई है।
आपूर्ति निरीक्षकों व कोटेदारों को अल्टीमेटम
जिले में तैनात आपूर्ति निरीक्षकों और कोटेदारों की सेटिंग के कारण सभी यूनिटों की ई केवाईसी का काम पूरा नहीं हो पा रहा था। मामले में डीएसओ ने सभी आपूर्ति निरीक्षकों को शत प्रतिशत ई केवाईसी का काम पूरा कराने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
जिले में 1.99 लाख से अधिक यूनिटों का राशन रोका गया है। राशन रुकने के बाद ई केवाईसी का काम तेज हो गया है। 13 दिन में 45 हजार से अधिक यूनिटों की ई केवाईसी कराई गई है। इसके लिए सभी आपूर्ति निरीक्षकों को अल्टीमेटम दिया गया है।
उबैदुर्रहमान, जिलापूर्ति अधिकारी, रायबरेली