फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: नोएडा ने जो विकास प्राधिकरण की देखरेख में हासिल किया वह निकाय वाले शहरों ने नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के नोएडा को स्थानीय निकाय बनाने का सुझाव बना चर्चा का केंद्र
विज्ञापन

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गेझा तिलपताबाद मुआवजा घोटाले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर शासन को नोएडा को स्थानीय निकाय (नगर निगम) बनाने पर विचार करने के लिए कहा है। कोर्ट के इस सुझाव को लेकर पूरे नोएडा में चर्चा गरम है। लोगों का कहना है कि नोएडा ने जो विकास प्राधिकरण की देखरेख में हासिल किया है वह नगर निकाय वाले गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम ने नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि निकाय बनता है तो नोएडा और उसके नजदीकी निकाय वाले क्षेत्र गाजियाबाद, खोड़ा, फरीदाबाद, गुरुग्राम में कोई अंतर नहीं रह जाएगा। यह समानता स्थानीय प्रतिनिधित्व के साथ विकास, देखरेख की व्यवस्था में भी होगी। इसके साथ ही नोएडा में जो अभी हाउस टैक्स व सीवर टैक्स नहीं लगता है वह भी लगेगा। 2019 में भी तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों को मिलाकर नगर निगम बनाने पर विचार हुआ था लेकिन सरकार ने इसे औद्योगिक और शहरी विकास के लिए सही नहीं माना था।
विज्ञापन

बदलाव से पहले सभी तथ्यों को देखा जाना चाहिए
प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल का कहना है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण का गठन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्ट के तहत हुआ है। औद्योगिक विकास से स्थानीय निकाय के कामकाज प्राधिकरण ही करता है। किसी भी बदलाव से पहले सभी तथ्यों को देखा जाना चाहिए।

प्राधिकरण बेहतर तरीके से कर रहा विकास और देखरेख
प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ योगेंद्र नारायण का कहना है कि नोएडा को नगर निगम बनाए जाने जैसे बदलाव की कोई जरूरत नहीं है। नगर निगम नगरीय सुविधाएं देखता है। प्राधिकरण बेहतर तरीके से शहर का विकास कर रहा है और सुविधाएं देने के साथ ही देखरेख भी कर रहा है। रही बात नागरिकों को प्रतिनिधित्व देने की तो प्राधिकरण बोर्ड में दो सदस्य रखे जा सकते हैं। निश्चित समय के लिए अलग-अलग रेजिडेंट वेलफेयर असोसिएशन से इन सदस्यों का चयन सरकार कर सकती है। ये स्थानीय निवासियों की बात आसानी से बोर्ड के बीच रख सकते हैं।
विज्ञापन




गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम को देखना चाहिए

फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) के कोषाध्यक्ष पवन यादव का कहना है कि नोएडा को स्थानीय निकाय बनाने पर विचार करने से पहले नगर निगम व निकाय वाले शहर गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम को देखना चाहिए। इन शहरों से नोएडा का विकास इसलिए अच्छा है क्योंकि यहां पर स्थानीय निकाय नहीं है। नोएडा औद्योगिक शहर है। स्थानीय निकाय बनने से छोटे-छोटे फैसले अटकेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें