- 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26 और 28 अप्रैल विवाह के लिए बेहद शुभ दिन
- शुक्रवार से रविवार तक मिलेगा छुट्टी का मौका, हिल स्टेशन की बुकिंग करा रहे लोग
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शादी का बैंड और वीकेंड इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत को प्रभावित कर सकता है। गौतमबुद्ध नगर संसदीय क्षेत्र का चुनाव 26 अप्रैल को है। इस दिन शुक्रवार होने के कारण लोगों ने अभी से गर्मियों के तीन दिन हिल स्टेशन पर बिताने का कार्यक्रम बनाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही 18 से 28 अप्रैल तक शादी का जबरदस्त साया भी मतदान प्रतिशत घटने की वजह बन सकता है। राजनीतिक दलों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी यह परेशानी वाली खबर है।
गौतमबुद्ध नगर संसदीय सीट के लिए 26 अप्रैल शुक्रवार को मतदान की तिथि घोषित की गई है। इस दिन छुट्टी भी घोषित है। वहीं, अगले दो दिन शनिवार और रविवार को भी छुट्टी है। पारंपरिक तौर पर देखें तो आम दिनों में यहां के शहरी क्षेत्र के लोग इस तरह की लंबी छुट्टियों को भुनाने के लिए पहाड़ों या दर्शनीय स्थलों का रुख करते हैं। इसमें सबसे ज्यादा अनुपात शहरी क्षेत्रों का इसलिए होता है, क्याेंकि यहां ज्यादातर लोग नौकरीपेशा हैं और इन्हें बड़ी मुश्किल से छुट्टी मिलती है।
अब जबकि इस बार तीन दिन की छुट्टी मिल रही है तो संभव है कि कुछ वोटर मतदान का धर्म भूलकर बाहर निकल जाएं। लिहाजा ऐसे वोटरों को जागरूक करने की भी जरूरत है। अलग-अलग पार्टियों के प्रतिनिधियों की ओर से भी इस बाबत चिंता जाहिर की जा रही है। लेकिन उनकी ओर से यह उम्मीद भी की जा रही है कि इस बार का मतदान काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में लोग मतदान की तिथि नहीं भूलेंगे और वोट करने के लिए पोलिंग बूथ पर जरूर आएंगे।
ऋषिकेश-नैनीताल की सबसे ज्यादा बुकिंग:
ओआरजी टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक रोहित बाटला बताते हैं कि 25 से 28 अप्रैल के बीच ज्यादातर परिवार हिल स्टेशन पर बिताने का कार्यक्रम बना चुके हैं। गाजियाबाद-नोएडा से ही 200 से ज्यादा लोगों ने इन तारीखों पर अपना पैकेज बुक कराया है। रोहित का कहना है कि चुनावी वीकेंड में लोगों की सबसे ज्यादा पसंद ऋषिकेश और नैनीताल है। यह दोनों ही डेस्टिनेशन चुनावी वीकेंड के दौरान अभी से बुक हो चुके हैं।
शहरों में पहले से होता मतदान का प्रतिशत कम
प्रत्येक चुनावों में शहरी क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत ग्रामीण इलाकों से कम होता है। शहरी क्षेत्र के लोगों को मतदान के लिए हमेशा जागरूक किया जाता रहा है। इसके बावजूद शहरी वोटर हर बार ग्रामीण वोटरों से पिछड़ जाते हैं। गांवों में मतदान का प्रतिशत हर चुनाव में अधिक रहा है। ऐसे में तीन दिन की छुट्टी को भूलकर वोटरों को पोलिंग बूथ तक ले जाने के लिए प्रमुख पार्टियों के प्रतिनिधियों को ज्यादा जोर लगाना होगा। तभी उनकी योजना सफल हो पाएगी। आंकड़ों पर गौर करें तो 2009 के चुनावों में ग्रामीण क्षेत्र का मत प्रतिशत शहरी से अधिक रहा। यह अनुपात 55 और 45 का है। इसी तरह से 2014 के आंकड़ों पर गौर करें तो शहरी क्षेत्र में 54 प्रतिशत तो ग्रामीण क्षेत्रों में 64 प्रतिशत तक मतदान हुआ। इसी तरह से 2019 में भी इसी तरह रुझान बना रहा। ऐसी हालत में शहरी वोटर का प्रतिशत कम होने से चुनावी समीकरण प्रभावित होगा।
शादियों का शुभ मुहूर्त भी करेगा प्रभावित:
18 अप्रैल से 26 अप्रैल तक शादियों का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद 28 अप्रैल को भी शादियां हैं। इस दौरान कुछ लोगों को अपने परिवार के शादी समारोह में भी जाना पड़ सकता है। ऐसे में मतदान का प्रतिशत प्रभावित होने की आशंका है।
गौतमबुद्ध नगर में बीते तीन चुनावों में मतदान का प्रतिशत:
2009-48.54 प्रतिशत
2014-60.39 प्रतिशत
2019-60.49 प्रतिशत