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Noida News: बारिश के बाद भी नहीं सुधरे जलभराव वाले ब्लैक स्पॉट

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नोएडा। सेक्टर 136 के पास ग्रीन बेल्ट में भरा नाले का पानी। संवाद
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-फोटो
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बारिश के बाद भी नहीं सुधरे जलभराव वाले ब्लैक स्पॉट
-सड़कों पर 5 फीट तक भर गया था पानी, लोगों को नालों के गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पिछले दिनों हुई भारी बारिश के बाद भी नोएडा प्राधिकरण ने कोई सबक नहीं लिया है। शहर का ड्रेनेज सिस्टम अब भी बदहाल है और गंदगी से पटे नाले हादसे का सबब बने हुए हैं। जल निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने से आने वाली बारिश में शहर के एक बार फिर जलमग्न होने का खतरा मंडरा रहा है।
हर साल की तरह इस बार भी प्राधिकरण की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। बारिश से ठीक पहले आनन-फानन में शुरू की गई नाले की सफाई के चलते पहली ही बारिश में ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया। सड़कों और ओवरफ्लो नालों का पानी एक समान होने से कई राहगीर नालों में गिरकर चोटिल हो गए। सड़कों पर जलभराव के कारण देर रात तक यातायात बाधित रहा, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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सेंसर युक्त पंप भी दे गए थे जवाब
जलभराव से निपटने के लिए अंडरपासों में लगाए गए लाखों रुपये के ऑटोमैटिक पंप पहली ही बारिश में फेल साबित हुए। दावा था कि पानी भरते ही ये पंप खुद चालू हो जाएंगे, लेकिन मॉडल टाउन अंडरपास में 4 फीट और नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के अंडरपास में 5 फीट से अधिक पानी भर गया। कहीं पंपों का डीजल खत्म हो गया, तो कहीं अलग से पंप लगाने पड़े। जलभराव के कारण मॉडल टाउन और सेक्टर-71 अंडरपास में कई गाड़ियां बंद हो गईं, जिससे गाजियाबाद के इंदिरापुरम और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर वाहनों का लंबा जाम लग गया।
नालों की सफाई में लगा प्राधिकरण
बारिश के दौरान सबसे परेशानी नालों ने बढ़ाई थी। प्राधिकरण अब नालों की सफाई में लग गया है। हालांकि ये काम बारिश से पहले किए जाने थे। प्राधिकरण ने शहर के अलग-अलग सेक्टरों में नाले की सफाई शुरू तो की है लेकिन उसमेंं जल्दबाजी दिखाई जा रही है। विश्वकर्मा मार्ग किनारे बने नाले की सफाई के बाद भी गाद रह गई है। ऐसे ही सेक्टर-34 में नाले की सफाई के बाद गंदगी बाकी है।
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शहर में नालों की सफाई समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं ताकि जलभराव की स्थिति दोबारा न बने। जिन जगहों पर स्थिति ज्यादा गंभीर थी उन स्थानों को भी चिह्नित किया गया है।
-इंदु प्रकाश, ओएसडी नोएडा प्राधिकरण।
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