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यमुना का जलस्तर बढ़ा, 77 गांवों पर खतरा मंडराया

Mon, 19 Aug 2019 01:42 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा/जेवर। हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। यमुना में रविवार रात आठ लाख क्यूसेक छोड़ा गया। इससे सदर तहसील के 52 और जेवर तहसील के 25 गांवों समेत कुल 77 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने आपदा स्थिति के निपटने के लिए 12 बाढ़ नियंत्रण चौकियां स्थापित कर दी हैं। साथ ही रेस्क्यू टीम भी लगा दी गई है। वहीं, एनडीआरएफ समेत अन्य एजेंसी को भी अलर्ट रहने को कहा गया है।

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हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से बृहस्पतिवार को 21 हजार, शुक्रवार को एक लाख और शनिवार को दो लाख 57 हजार क्यूसेक पानी यमुना छोड़ा गया। वहीं, रविवार देर रात तक आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि, कुछ देर बाद जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। लोगों का कहना है कि जिले तक अभी केवल बृहस्पतिवार और शुक्रवार को छोड़ा गया पानी पहुंच पाया है।

शनिवार और रविवार को छोड़े गए पानी के पहुंचने से हालात भयावह हो सकते हैं। अगले 48 से 72 घंटे तक खतरा बना हुआ है। बता दें कि हथिनीकुंड बैराज से जिले तक पानी पहुंचने में इतना ही समय लगता है। उधर, प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं।
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बाढ़ की जद में आ सकते हैं ये गांव
सदर क्षेत्र में बैराज के पास स्थित नोएडा सेक्टर-150, याकूतपुर, कुलेेसरा समेत नोएडा, ग्रेटर नोएडा के करीब 52 गांव चपेट में आ सकते हैं। इन गांवों में करीब डेढ़ लाख लोग रहते हैं। वहीं, जेवर के कानीगढ़ी, गोविंदगढ़, सिरसा, माचीपुर बांगर व खादर, करौल बांगर व खादर, रामपुर बांगर व खादर, जेवर बांगर व खादर, छातंगा खुर्द, महेंदीपुर, मेवला गोपालगढ़, भगवंतपुर छातंगा, झुप्पा, शमशमनगर, मेहंदीपुर बांगर व खादर, करौली बांगर, अनवरगढ़ बांगर, सिरौली बांगर, फलैदा बांगर व माजरा सहित कुल 25 गांवों को बाढ़ प्रभावित माना गया है। इन गांवों में रहने वाली आबादी करीब 60 हजार है। बाढ़ से बचाव के क्रम में प्रशासन ने मुनादी भी करा दी है।

हालात पर प्रशासन सतर्क
अपर जिलाधिकारी एमएन उपाध्याय ने बताया कि अभी जलस्तर खतरे से नीचे हैं। 48 से 72 घंटे में हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के यहां पहुंचने की संभावना है। हालात पर नजर बनाए हुए हैं। 12 बाढ़ नियंत्रण चौकियां स्थापित कर दी गईं हैं और उन पर एक बाढ़ चौकी अधिकारी तैनात रखने के लिए सूची जारी कर दी है। सभी बंधों का चेक कराया जा रहा है। यदि कहीं दिक्कत है तो उसे ठीक कराया जाएगा। सभी गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को जिलाधिकारी स्वयं बाढ़ के संदर्भ में बैठक लेंगे और स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

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