बल्क वेस्ट जेनरेटर सोसाइटियों पर शिकंजा कसेगा नगर निगम
सोसाइटियों के कचरा प्रबंधन की मॉनिटरिंग और ऑडिट होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बंधवाड़ी को कचरा मुक्त करने की दिशा में नगर निगम ने बल्क वेस्ट जेनरेटर सोसाइटियों पर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। नगर निगम सभी सोसाइटियों में कचरे को अलग-अलग कर ठोस कचरा प्रबंधन अनिवार्य करने जा रहा है।
निगमायुक्त पीसी मीणा ने कहा कि सोसाइटियों को कचरा अलग-अलग करने और गीले कूड़े से सोसाइटी में खाद बनाने के कार्य को अनिवार्य किया जाएगा। कोई सोसाइटी ऐसा नहीं करती है तो उस पर जुर्माना किया जाएगा। नगर निगम ऐसी सोसाइटी से हेजार्डस वेस्ट या सेनेटरी वेस्ट नहीं लेगी जो अपना गीले कूड़े का प्रबंधन सोसाइटी में नहीं कर रहे होंगे। नगर निगम ऐसी सोसाइटियों के गेट पर भी निगम कर्मी तैनात करेगा, जहां से लोग इधर-उधर कूड़ा फेंक रहे होंगे। नगर निगम के आंकड़े में ऐसे 613 बल्क वेस्ट जेनरेटर हैं। संयुक्त आयुक्त डाॅ. नरेश कुमार ने बताया कि 613 बल्क वेस्ट जेनरेटर में से 250 सोसाइटियां अपनी सोसाइटी में कूड़ा प्रबंधन कर रही हैं मगर अब नगर निगम सबके साथ सख्ती बरतेगा।
सोसाइटियों को अपने कूड़े की ऑडिट रिपोर्ट देनी होगी जिसमें यह बताना होगा कि उनके यहां कितना कूड़ा होता है, कितने से खाद बनाई जाती है और कितना सूखा कूड़ा निकलता है। साथ हेजार्डस और सेनेटरी वेस्ट का भी हिसाब देना होगा। नगर निगम की एजेंसी या किसी और एजेंसी से से हेजार्डस और सेनेटरी वेस्ट उठवा सकते हैं मगर गीला कूूड़े का प्रबंधन उन्हें करना होगा। नगर निगम उन छोटी सोसाइटियों को सहायता कर सकता है, जहां वित्तीय परेशानी है। किसी सोसाइटी को ऐसे वेंडर की जरूरत होगी जो वेस्ट मैनेजमेंट कर रहे हों तो उन्हें सलाह और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगा मगर कूड़ा प्रबंधन सबके लिए अनिवार्य होगा।
नगर निगम की परिभाषा में जिस एक कैंपस में प्रतिदिन 50 किलो से ज्यादा कूड़ा होता है, वह बल्क वेस्ट जेनरेटर है। उन सब को अपने कूड़े की ऑडिट रिपोर्ट निगम को देनी होगी और नगर निगम उनकी मॉनिटरिंग करेगा।