डीपीएस में गड्ढा खोदते समय गिरी दीवार, दबकर दो श्रमिकों की मौत
-दो घायल, स्विमिंग पूल पर छाया करने के लिए कॉलम बनाने से पहले गड्ढा गड्ढा खोदते समय हुआ हादसा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में स्विमिंग पूल पर लिंटर डालने के लिए गड्ढा खोदते समय दीवार गिरने से दो श्रमिकों की मौत हो गई। दोनों की पहचान हमीरपुर के बाबूलाल (50) और लाल दीवान (45) के रूप में हुई है। हादसे में घायल श्रमिक को सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया है। मामले में पुलिस ने ठेकेदार को हिरासत में लिया है।
डीपीएस में चहारदीवारी के पास छात्रों के लिए स्विमिंग पूल बना है। स्कूल के पास हाइराइज सोसाइटी के लोग स्विमिंग पूल में अभ्यास करते समय छात्रों को देखते रहते हैं। वहीं, गर्मी के समय तेज धूप से भी बच्चों को परेशानी होती है। स्विमिंग पूल पर छाया करने के लिए कॉलम खड़े कर उसपर लिंटर डालने के लिए ठेकेदार को काम सौंपा गया था। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे स्विमिंग पुल के पास कॉलम के लिए गड्ढा खोदते समय स्कूल की नौ इंच की सात फीट ऊंची दीवार श्रमिकों पर गिर गई। मजदूर मलबे में दब गए। मौके पर चीख पुकार मच गई। मौजूद लोगों ने मलबे को हटाकर दबे मजदूरों दुर्ग प्रसाद (50), लाल दीवान और बाबूलाल को बाहर निकाला। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान बाबूलाल और लाल दीवान की मौत हो गई। श्रमिकों के परिवार ने ठेकेदार और स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उचित मुआवजे की भी मांग की गई है।
वहीं एडिशनल डीसीपी सेंट्रल नोएडा हृदेश कठेरिया ने बताया, मामले में ठेकेदार को हिरासत में लिया गया है। परिजन से तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। डीपीएस की प्रिंसिपल संध्या अवस्थी ने बताया, वह शहर से बाहर हैं, इसलिए उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं है।
लापरवाही से पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
श्रमिकों के साथ हुआ हादसा शहर में पहली बार नहीं हुआ है। निर्माण स्थलों पर लापरवाही के कारण कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं। जिसमें उनकी जान चली गई है। अक्सर ठेकेदार और प्रबंधन श्रमिकों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं होती हैं। निर्माण स्थल (कंस्ट्रक्शन साइट) पर मजदूरों को सुरक्षात्मक उपकरण नहीं दिए जाते हैं। जबकि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को सर की सुरक्षा के लिए हेलमेट फिसलने और भारी वस्तु गिरने से बचाव के लिए सेफ्टी शूज देना होता है। इसके साथ ही ऊंचाई पर काम करने वाले मजदूरों के लिए सेफ्टी बेल्ट अनिवार्य है। वहीं, हाई विजिबिलिटी जैकेट भी देनी होती है ताकि सभी मजदूर स्पष्ट दिखें। हाथों को चोट से बचाने के लिए दस्ताने, धूल और केमिकल्स से बचाव के लिए डस्ट मास्क और सेफ्टी गॉगल्स देना होता है।