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Noida News: छह वर्षों से इंतजार, स्मार्ट आरसी नहीं बना पा रही सरकार

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- जिले में 11.5 लाख वाहन स्वामियों के पास कागज वाली आरसी
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हर्ष मिश्रा

नोएडा। स्मार्ट आरसी बनाने के लिए परिवहन विभाग पिछले छह वर्षों से केवल दावे कर रहा है। लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही देखने को मिल रही है। हर बार की तरह इस बार भी शासन को प्रस्ताव तो भेज दिया गया है लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिली है। अहम है कि छह वर्षों से केवल इसी तरह के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन स्मार्ट आरसी पर कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है।



बता दें कि गौतमबुद्धनगर में 11.5 लाख वाहन हैं इन सभी को कागज वाली आरसी दी गई है। नए वाहन जो भी खरीदे जा रहे हैं उन्हें भी कागज पर ही आरसी प्रिंट कर दी जा रही है। हाल ही में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने भी मार्च में यह दावा किया था कि जल्द ही प्रदेश में स्मार्ट आरसी लाई जा रही है। लेकिन उस बात को कहे हुए भी चार माह बीतने जा रहे हैं लेकिन अब तक बात उसके आगे नहीं बढ़ पाई है। इससे पहले 2019 में इसके लिए टेंडर तक निकालने की बात कह दी गई थी लेकिन बाद में ऐसा हो नहीं सका। वहीं ड्राइविंग लाइसेंस की बात करें तो वह सरकार स्मार्ट कार्ड बनाकर दे रही है लेकिन स्मार्ट आरसी देने के मामले में अभी विभाग पिछड़ा हुआ है। जाहिर है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने साल 2019 में सभी राज्यों को स्मार्ट कार्ड आरसी जारी करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। छह साल बाद वर्ष 2021 में प्रदेश सरकार ने भी स्मार्ट कार्ड आरसी को मंजूरी देने की तैयारी की थी। इसके बाद भी प्रक्रिया लटकी रही।
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कागज वाली आरसी रखने में होती है परेशानी







दिल्ली समेत कई प्रदेशों में मौजूदा समय में स्मार्ट कार्ड वाली आरसी मिलती है। इसे जेब में रखने में भी आसानी होती है। मगर यूपी में अभी तक कागज वाली आरसी है। जो ए फोर साइज शीट के बराबर है। जो कि जेब में रखने से खराब हो जाती है।







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स्मार्ट कार्ड रीडर से होगी चेकिंग









परिवहन आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट कार्ड में डेटा एंबेडेड माइक्रो चिप में होता है। इससे डेटा भी सुरक्षित होता है। इस कारण डुप्लीकेसी आसानी से नहीं हो सकेगी। साथ ही पुलिस और परिवहन विभाग के चेकिंग अधिकारी कार्ड रीडर के माध्यम से स्मार्ट कार्ड आरसी की मौके पर जांच भी कर सकेंगे।
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12 साल से मिल रहा स्मार्ट कार्ड डीएल









यूपी में परिवहन विभाग ने 12 साल पहले जनता को स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा उपलब्ध करानी शुरू कर दी थी। लखनऊ में 9 जनवरी 2013 को स्मार्ट कार्ड डीएल सेवा की शुरुआत हुई थी, लेकिन 12 साल बाद भी अब तक स्मार्ट कार्ड आरसी वाहन मालिकों को उपलब्ध कराने में परिवहन विभाग नाकाम रहा है।









शासन को इससे संबधित पत्र भेजा गया है। जल्द ही इसपर फैसला आने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। तेजी से इस विषय पर काम किया जा रहा है।
-बीएन सिंह, परिवहन आयुक्त
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