महिलाओं में विटामिन डी की कमी बढ़ा रहा हड्डियों का दर्द
- जिला अस्पताल में हर दिन हो रहे 100 के करीब टेस्ट, 70 प्रतिशत हैं महिलाएं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। महिलाओं में विटामिन डी की कमी से हड्डियों का दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी और मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है। अकेले जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 के करीब विटामिन डी के टेस्ट हो रहे हैं। उनमें से लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। विटामिन डी कमी गर्भवती के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रहा है।
जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. एचएम लवानिया ने बताया, जरूरी के हिसाब से टेस्ट किए जा रहे हैं। विटामिन डी के साथ-साथ सभी तरह के टेस्ट का आंकड़ा बढ़ा है। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ शोवना वैष्णवी बताती हैं कि विटामिन डी की कमी से महिलाओं में कई शारीरिक और मानसिक परेशानियां हो सकती हैं। इसके लक्षणों में पीठ और घुटनों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, थकान, अवसाद और बाल झड़ना शामिल हैं। विटामिन डी का सामान्य स्तर 20 से 50 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर होना चाहिए। इससे कम होने पर डॉक्टर सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देते हैं।
विटामिन डी की कमी बढ़ा सिजेरियन का खतरा
डॉ. शोवना वैष्णवी ने बताया कि गर्भवती के लिए विटामिन डी की कमी और भी खतरनाक है। इससे प्रीक्लेम्पसिया (हाई ब्लड प्रेशर), गर्भकालीन मधुमेह और सिजेरियन डिलीवरी की संभावना बढ़ जाती है। नोएडा जैसे शहरी क्षेत्रों में धूप की कमी, व्यस्त जीवनशैली और पोषण की कमी इसके मुख्य कारण हैं। विटामिन मुख्यत सूरज की किरणों से प्राप्त होता है। इसके अलावा विटामिन डी युक्त आहार की कमी, मोटापा और किडनी या लिवर की बीमारियां भी इसकी कमी को बढ़ावा देती हैं।
अन्य विटामिन की कमी से होने वाली दिक्कतें
विटामिन ए की कमी रतौंधी, आंखों की समस्याएं ।
विटामिन बी की कमी बेरी-बेरी, एनीमिया ।
विटामिन सी की कमी स्कर्वी, मसूड़ों से खून आना ।
विटामिन डी की कमी हड्डियों की कमजोरी ऑस्टियोपोरोसिस व रिकेट्स ।
विटामिन के की कमी से रक्तस्राव की समस्या।