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संशोधित ::: विटामिन बी12 की कमी शहर के लोगों को बना रही भुलक्कड़

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संशोधित ::: विटामिन बी12 की कमी शहर के लोगों को बना रही भुलक्कड़
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- लगातार बढ़ रहे विटामिन बी12 की कमी के मरीज, अस्पतालों में जांचें भी बढ़ीं


नेहा शर्मा



नोएडा। पिछले दो महीने से 30 वर्षीय शशांक की भूलने की आदत बढ़ गई है। हाथ में कार की चाबी होती है मगर घर में ढूंढते रहते हैं। ऑफिस में सहकर्मियों तक के नाम भूल जाते हैं। इसकी वजह से दोस्तों ने भी शशांक का नाम भुलक्कड़ रख दिया है। शुरुआत में शशांक ने इसको सामान्य लिया, लेकिन जब मूड चेंज की परेशानी भी बढ़ने लगी तो मां की सलाह पर डाॅक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने विटामिन बी12 का टेस्ट कराया, जिसमें कमी सामने आई।
यह परेशानी सिर्फ शशांक के साथ नहीं हो रही है, बल्कि अस्पतालों में दर्जनों युवा इस परेशानी के साथ इलाज के लिए आ रहे हैं। अकेले जिला अस्पताल में मार्च महीने में 292 लोगों की जांच की गई। अप्रैल में यह आंकड़ा बढ़कर 356 पहुंच गया, जबकि मई में अब तक 292 लोगों की जांच की गई है। फोर्टिस अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर व हेड डॉ. अजय अग्रवाल बताते हैं कि ओपीडी में विटामिन बी12 की कमी के रोजाना औसतन 5 से 10 मरीज आ रहे हैं। यह एक आवश्यक पोषक तत्व है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, न्यूरोलॉजिकल फंक्शन और डीएनए संश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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बी 12 की कमी के अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं, जैसे थकान, कमजोरी, हाथों और पैरों में झनझनाहट या सुन्न होना, समन्वय, याददाश्त संबंधित समस्याएं व मूड में बदलाव या अवसाद। इसके अलावा विटामिन डी की कमी और थायरॉयड विकारों से पीड़ित युवाओं की संख्या भी बढ़ गई है। हर 6 में से एक विटामिन डी की कमी या थायराइड विकारों से पीड़ित है। मेट्रो अस्पताल की न्यूरोलॉजी कंसल्टेंट डॉ पूजा कुशवाह कहती हैं रोजाना ओपीडी में 25 से 26 मरीजों में से 5 से 7 मरीजों में बी12 की कमी के लक्षण मिल रहे हैं।
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शराब के सेवन से हो रही दिक्कत

डॉक्टरों का कहना है कि शराब के सेवन से विटामिन बी12 के अवशोषण (सोखने) में दिक्कत होती है। इसलिए शराब के सेवन से बचें, या फिर शराब के सेवन को सीमित करें। बड़ी संख्या में अस्पताल में ऐसे युवा पहुंच रहे हैं, जो अत्यधिक शराब का सेवन करते हैं और उनकी जांच रिपोर्ट में विटामिन 12 का स्तर कम मिला है।
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युवाओं में बढ़ रही विटामिन डी की कमी
युवाओं में विटामिन डी की कमी भी बढ़ रही है। मार्च में 296 लोगों की विटामिन डी की जांच की गई थी, जबकि अप्रैल में 402 लोगों की विटामिन डी की जांच की गई। वहीं, मई में अब तक 300 के करीब जांच की गई है। निजी अस्पतालों में तो इन जांचों का आंकड़ा कई गुना अधिक है।




विटामिन बी12 की कमी के लक्षण



-भूख नहीं लगना।

-वजन घटना।



-मांशपेशियों में कमजोरी होना।

-दिल की धड़कन तेज होना।



-हाथ और पैर में झनझनाहट होना।

-चक्कर आना।



-अक्सर मूड चेंज होना।

-तनाव हावी होना।

-बहुत ज्यादा थकान होना।

- त्वचा पीली या मटमैली हो जाना



विटामिन बी12 की कमी से होने वाली बीमारियां



-भूलने और भ्रम में रहने की समस्या का खतरा बढ़ जाना।



- यदि काफी दिनों तक विटामिन बी12 की कमी रहती है तो एनीमिया और पीलिया भी हो सकता है।

-इससे शरीर के हर अंग तक खून पहुंचाने में भी परेशानी होने लगती है।



-पूरा नर्वस सिस्टम भी बुरी तरह से प्रभावित होता है।

-हड्डियों में दर्द की समस्या होना।
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