गौतमबुद्धनगर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाले करीब 250 गांवों में समाप्त हो चुकी है पंचायत व्यवस्था
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ग्रेटर नोएडा (संवाद)। गौतमबुद्धनगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाले गांवों के लोग सालों पहले जारी किए गए जन्म प्रमाण-पत्र समेत अन्य दस्तावेज को डिजिटल कराने के लिए परेशान हैं। लोग ग्रामीण प्राधिकरण, ब्लॉक और पंचायत विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
करीब 250 गांवों में खत्म हो चुकी है पंचायत व्यवस्था
गौतमबुद्धनगर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में आने वाले करीब 250 गांवों में पंचायत व्यवस्था समाप्त हो चुकी है। इन गांवों का पुराना रिकॉर्ड पंचायत विभाग की ओर से संबंधित प्राधिकरणों को सौंप दिया गया है। पंचायत व्यवस्था समाप्त होने के बाद इन गांवों में पंचायत विभाग का कोई कर्मचारी तैनात नहीं है।
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हाथ से बने प्रमाणपत्रों को डिजिटल कराने में आ रही परेशानी
कई साल पहले ग्राम पंचायत स्तर से जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर से संबंधित दस्तावेज जारी किए गए थे। उस समय प्रमाण पत्र हाथ से लिखकर बनाए जाते थे। अब विभिन्न सरकारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए डिजिटल प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्हें बताया जाता है कि संबंधित रिकॉर्ड प्राधिकरणों को सौंपा जा चुका है। वहीं, प्राधिकरण के स्तर पर यह कहकर लोगों को वापस भेज दिया जाता है कि प्रमाणपत्र जारी किए जाने के समय प्राधिकरण अस्तित्व में नहीं था। ऐसे में पुराने प्रमाण पत्रों को डिजिटल कराने की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
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पुराने जन्म प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेजों से संबंधित कार्यों के लिए लोग विभाग में आते हैं। हालांकि, संबंधित गांवों का पुराना रिकॉर्ड प्राधिकरणों को सौंपा जा चुका है। ऐसे में पंचायत विभाग के पास इन प्रमाणपत्रों को जारी करने के लिए संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। - संतोष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी, गौतमबुद्धनगर