करंट से झुलसे संविदा कर्मी की मौत पर ग्रामीणों ने किया हंगामा
- जीटी रोड पर जाम लगाने की सूचना पर प्रशासन के फूल हाथ-पांव,
- 10 लाख की मदद पर माने परिजन, तब जाकर किया अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज़ एजेंसी
दादरी। लाइन पर काम करते वक्त करंट लगने से झुलसे कोट बिजलीघर के संविदा कर्मचारी ने अस्पताल में इलाज के दौरान बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को गांव में ले जाकर हंगामा कर दिया। मौके पर समझाने आए बिजली निगम के अधिकारियों से ग्रामीणों ने आक्रोश जाहिर किया। वहीं शव को जीटी रोड की ओर ले जाते हुए जाम लगाने की घोषणा कर दी, इससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। अंत में निगम के एसडीओ की 10 लाख रुपये की मदद के लिखित आश्वासन पर शव का अंतिम संस्कार किया।
दादरी क्षेत्र के भोगपुर गांव निवासी संविदा कर्मी सगे भाई विशाल व विक्की मंगलवार को कोट गांव के जंगल में समाधिपुर के लिए जा रही 11 केवी की लाइन में फॉल्ट को ठीक करने गए थे। विशाल बिजली के खंभे पर चढ़ गया। उसी दौरान दूसरी लाइन का तार टूटकर 11केवी लाइन से टच हो गया और बिजली का करंट लगने से विशाल झुलसकर नीचे गिर गया। उसके भाई की सूचना आई टीम ने विशाल को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उपचार होने के दौरान बृहस्पतिवार सुबह विशाल जिंदगी की जंग हार गया। ग्रामीणों ने बताया कि विशाल की शादी तीन माह पहले ही हुई थी।
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देर रात तक बनी रही गहमागहमी:
विशाल के शव को शाम 6 बजे पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया। मृतक की नवविवाहिता के विधवा होने को लेकर ग्रामीणों में रोष फैल गया। परिजनों व ग्रामीणों ने नवविवाहिता के लिए 20 लाख रुपये और सरकारी नौकरी की मांग की। ग्रामीण शव को जीटी रोड की ओर ले जाने लगे, इस पर काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और करीब चार घंटे तक पुलिस, ग्रामीणों व विद्युत निगम के अधिकारियों बीच वार्ता चलती रही। इस बीच कई बार माहौल गर्म हुआ, मगर आखिर में निगम के एसडीओ देवेंद्र कुमार ने निगम के नियमानुसार पांच लाख रुपये के मुआवजे से अलग 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिजनों के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद देर रात शव का अंतिम संस्कार किया जा सका।