तेजगढ़ी चौराहे पर ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर हैंडलूम व्यापारी सत्यम रस्तोगी से नाक रगड़वाने के आरोपी मयूर विहार निवासी विकुल चपराणा को शुक्रवार रात पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया। धाराएं बढ़ाने के बाद मुख्य आरोपी को बिजली बंबा बाईपास से दबोचा गया।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस को विकुल की लोकेशन फरीदाबाद और दिल्ली में मिली थी। पुलिस ने दिल्ली में डेरा डाल दिया था। वहां उसकी लोकेशन के आधार पर पीछा करते हुए टीम ने यह गिरफ्तारी की है।
इससे पहले मुख्य आरोपी के खिलाफ शीशा तोड़ने, रास्ता अवरुद्ध करने, बलवा की धाराएं बढ़ाने के बाद जबरन वसूली की धारा भी बढ़ाई गईं थीं। जांच के दौरान प्रकाश में आए तीन आरोपियों काजीपुर निवासी हैप्पी भड़ाना, सेक्टर तीन शास्त्रीनगर निवासी आयुष शर्मा और सुबोध यादव को पुलिस जेल भेज चुकी है।
शुक्रवार को ही विकुल ने आत्मसमर्पण करने और अग्रिम जमानत के लिए अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में अर्जी दाखिल की थी। इस घटना में पहले जमानत पर रिहा होने के बाद से पुलिस पर लगातार विकुल को दोबारा गिरफ्तार करने का दबाव बनाया जा रहा था।
ये है प्रकरण
19 अक्तूबर की रात दस बजे तेजगढ़ी चौराहे के पास कार पार्किंग को लेकर भाजपा नेता विकुल चपराणा का शास्त्रीनगर निवासी हैंडलूम व्यापारी सत्यम रस्तोगी से विवाद हो गया था। विकुल ने राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के नाम का रौब दिखाते हुए व्यापारी से अभद्रता की। उनसे नाक रगड़वाकर माफी भी मंगवाई। मौके पर पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही। इसका एक वीडियो वायरल हुआ।
इसके बाद मेडिकल थाना पुलिस हरकत में आई और सत्यम के भाई आदित्य की ओर से मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी विकुल को गिरफ्तार किया था। मगर तब धाराएं कम होने पर विकुल को तत्काल जमानत मिल गई थी। मामले के तूल पकड़ने पर भाजपा ने उसे पद से हटाते हुए पार्टी से निकाल दिया। पुलिस ने भी कई संगीन धाराएं बढ़ाई हैं।