विहिप के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि रहे संस्कृति मंत्री
डीयू के पीजीडीएवी महाविद्यालय के सहयोग से हुआ कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के स्थापना दिवस समारोह में बुधवार को मुख्य अतिथि कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि विहिप सिर्फ एक संगठन नहीं बल्कि राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक एकता की मशाल है। ये हिंदुओं को एकजुट करने और धर्म-संस्कृति की रक्षा में हमेशा आगे रहा है। भगवान हनुमान की तरह ये संगठन समर्पण और संघर्ष का प्रतीक है।
विहिप इंद्रप्रस्थ (दिल्ली) प्रांत और डीयू के पीजीडीएवी महाविद्यालय (सांध्य) के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभाजन विभीषिका की चेतावनी विषय पर एक व्याख्यान भी आयोजित हुआ। इसमें कपिल मिश्रा ने कहा कि विभाजन की त्रासदी सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि भविष्य के लिए चेतावनी है। हमें एकता और राष्ट्रधर्म की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना होगा। विहिप के कार्यकर्ताओं बिना स्वार्थ के समाज और राष्ट्र की सेवा करते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे विहिप की विचारधारा को अपनाकर देश की रक्षा के लिए आगे आएं।