मां ने तराशा तो अंतरराष्ट्रीय फलक पर फिर चमकीं वंतिका
- बचपन से ही शतरंज खेल में प्रबंधक की भूमिका निभा रहीं मां संगीता
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित हो रही शतरंज ओलंपियाड 2024 में एक बार फिर से नोएडा की बेटी वंतिका अग्रवाल ने तिरंगा का मान बढ़ाया। उन्होंने अपनी पारी जीत कर देश को अंग्रिम पंक्ति में लाने का काम किया है। इस जीत का श्रेय वंतिका ने अपनी मां संगीता अग्रवाल को दिया है, जिन्हाेंने बचपन से ही वंतिका के लिए मां के साथ खेल प्रबंधक की भी भूमिका निभाई है।
सेक्टर-27 निवासी शतरंज खिलाड़ी वंतिका को शतरंज में आगे बढ़ने के लिए मां संगीता अग्रवाल ने हमेशा प्रेरित किया। इसके बदौलत वह निरंतर ऊंचाईयों को चूमने में सफल रहीं। वंतिका ने पिछले साल ही 11वीं अंतरराष्ट्रीय महिला मास्टर का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद इन्होंने एशियन चैंपियनशिप में भी शानदार खेल का प्रदर्शन कर देश के लिए जीत हासिल की थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वंतिका को सम्मानित भी किया था। वंतिका ने साल 2021 में महिला ग्रैंड मास्टर का खिताब हासिल किया था। 2020 में भी वह शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रही थीं। खेल में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वंतिका प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी सम्मानित हो चुकी हैं। इन सफलताओं का श्रेय उन्होंने अपने परिवार को दिया है। वंतिका के पिता आशीष अग्रवाल बताते हैं कि वंतिका को बचपन से ही शतरंज खेलने का शौक था। स्कूल के समय में उसे शतरंज लाकर देते वक्त इसका इल्म नहीं था कि एक दिन इसी खेल में परिवार के साथ देश को भी गौरवान्वित करेगी। इसका सबसे अधिक श्रेय उसकी मां को जाता है। इस समय भी वंतिका के साथ उनकी मां संगीता हंगरी के बुडापेस्ट में मौजूद हैं और अपनी लाडली का उत्साह बढ़ा रही हैं। रविवार को खेले गए मैच में जीत हासिल कर वंतिका ने देश को अग्रणी पंक्ति में पहुंचा दिया। यहां ओलंपियाड का आयोजन 22 सितंबर तक होना है, वंतिका अग्रवाल ने अपने 4 मैच खेले और 3.5 व्यक्तिगत स्कोर हासिल किया है।