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टीकाकरण की फेल हुई तैयारी... इस सप्ताह भी रहेगी परेशानी

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नोएडा/ग्रेटर नोएडा। कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के बीच टीकाकरण की व्यवस्था फेल साबित हो रही है। इस सप्ताह भी लोगों को टीके के लिए मारामारी का सामना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन की किल्लत बनी हुई है। उम्मीद जताई जा रही थी कि दस दिन में वैक्सीन का संकट खत्म हो जाएगा, लेकिन 15 दिन बीतने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। हालांकि, शनिवार को 3900 डोज विभाग को मिली हैं, लेकिन इससे राहत मिलने वाली नहीं है।
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जिला अस्पताल, दादरी, बिसरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा जिले में करीब 40 सरकारी केंद्रों पर निशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। रोजाना सात से आठ हजार के बीच टीके लगाए जा रहे हैं। जून में यह आंकड़ा 30 हजार से ऊपर था। वैक्सीन की कमी से स्लॉट बुक कराकर पहुंचने वालों को भी लौटाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि नियम टू होम टीकाकरण अभियान को वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति होने के बाद ही चलाया जाएगा।
अब तक 14.24 लाख को लगा टीका
अब तक जिले में 14,24,655 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इसमें से 11,90,891 लोगों को पहली डोज व 2,33,764 को टीके की दूसरी डोज दी गई है। उम्र के हिसाब से देखें तो 18 से 44 साल के 8,53,591 और 45 से 60 साल के 3,53,025 के अलावा 60 साल से अधिक आयु के 2,18,039 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
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कोविन पोर्टल पर निशुल्क केंद्रों को तलाशते रहे लोग
कोविन पोर्टल पर स्लॉट बुक कर टीका लगवाने का सपना इस सप्ताह फिर से टूट गया। पोर्टल पर अधिकांश लोग अपना स्लॉट बुक नहीं करा सके। सुबह 11 बजे तक पोर्टल पर निशुल्क टीकाकरण केंद्रों की न तो सूची दिख रही थी, न ही स्लॉट बुक हो रहे थे। इसके विपरीत पेड टीकाकरण केंद्र पोर्टल पर अपडेट दिखाई दे रहे थे। लोगों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग का निशुल्क केंद्रों को पोर्टल पर अपडेट नहीं कर रहा है। नवादा गांव में रहने वाले टिंकू ने बताया कि वह निजी संस्थान में नौकरी करते हैं। संस्थान ने हिदायत दी है कि इस सप्ताह टीका नहीं लगवाया तो काम छोड़ना पड़ेगा। मुसीबत है कि बिना स्लॉट के टीका नहीं लग रहा और स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। इस स्थिति में नौकरी जाने का भी खतरा मंडरा रहा है। इसी तरह से कई अन्य लोग भी स्लॉट तलाशते रहे।
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