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Ishita Kishor: दो बार प्रिलिम्स से नहीं बढ़ी आगे, हार न मानने के जज्बे ने इशिता को बनाया यूपीएससी टॉपर

Tue, 23 May 2023 08:45 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा

सार

ग्रेटर नोएडा स्थित जलवायु विहार सोसाइटी की रहने वाली इशिता किशोर ने टॉपर किया जबकि स्मृति मिश्रा का देश भर में चौथा स्थान रहा।  
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यूपीएससी टॉपर इशिता किशोर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पहले भी दो बार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा देने के बाद प्रिलिम्स से आगे नहीं बढ़ पाई इशिता किशोर ने हार नहीं मानी और निराशा को पीछे छोड़ते हुए 2021-2022 की परीक्षा में पूरे देश में टॉप कर दिया। पी-3 सेक्टर स्थित जलवायु विहार सोसाइटी में मां और बड़े भाई के साथ रह रही इशिता का कहना है कि एक मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब के दौरान मिले आत्मविश्वास से उसने लड़ाई जारी रखी और इस मुकाम को हासिल किया। मंगलवार को यूपीएससी परीक्षा में देशभर में टॉप करने की सूचना के बाद उसके घर पर बधाइयों का तांता लग गया।

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मूलरूप से पटना निवासी इशिता किशोर वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के पी-3 सेक्टर के जलवायु विहार में रहती है। उन्होंने दिल्ली के एयरफोर्स बाल भारती स्कूल से प्राथमिक शिक्षा ली है। इशिता के पिता विंग कमांडर संजय किशोर इंडियन एयरफोर्स में थे। वर्ष 2004 में उनके पिता का देहांत हो गया था। अब वह मां ज्योति किशोर और बड़े भाई अधिवक्ता ईशान किशोर के साथ रहीं है। इशिता बताती हैं कि वह सिविल सर्विसेज के जरिए देशसेवा में आना चाहती थीं। शुरू से ही वह बेहद मेहनती विद्यार्थी रही हैं। दसवीं में उसके 90 फीसदी से अधिक अंक और 12वीं में 97 फीसदी अंक हासिल किए। इसके बाद उसने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स से ईकोनॉमिक्स विषय से बीए ऑनर्स किया है।

वर्ष 2017 में स्नातक करने के साथ ही उसने नोएडा की कंपनी अर्नेस्ट एंड यंग में प्रबंधक के रूप में जॉब ज्वाइन कर ली। दो वर्ष जॉब करने के बाद इशिता ने यूपीएससी की तैयारी के लिए जॉब छोड़ दी। वर्ष 2019-20 और 2020-21 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन प्रिलिम्स से आगे नहीं बढ़ पाई। दो बार मेंस परीक्षा में न पहुंच पाने की उनको कसक तो थी लेकिन जॉब के दौरान उनको जो आत्मविश्वास मिला, वह निराशा नहीं लाया। इशिता ने हार नहीं मानी और आखिरकार कड़ी मेहनत और लगन से सफलता प्राप्त की।

इशिता के टॉप करने की सूचना दोपहर में जैसे ही परिवार को लगी तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रह गया। इस दौरान परिवार ने मिठाई खिलाई। यूपीएससी में टॉप करने की जहां-जहां भी उनके परिवार और रिश्तेदारों का खबर लगी तो मोबाइल पर बधाइयों का तांता लग गया।

ईकोनॉमिक्स के बजाए पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशंस
इशिता ने बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स विषय से किया है। इसके बावजूद उन्होंने यूपीएससी तैयारी के लिए पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशंस विषय को चयनित किया। दो वर्ष तक उन्होंने दक्षिण भारत के एक कोचिंग संस्थान किंग मेकर्स से ऑनलाइन क्लास ली थी लेकिन इस वर्ष उन्होंने स्वअध्ययन ही किया।

सुब्रतो कप में कैप्टन के रूप में दो बार दिल्ली टीम का कर चुकी हैं प्रतिनिधित्व
इशिता शुरू से ही हरफन मौला रही हैं। वह पढ़ाई के साथ-साथ फुटबॉल, वॉलीबॉल सहित अन्य खेलों में भी आगे रही हैं। स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही वह फुटबॉल, वॉलीबॉल में अपने कॉलेज की कैप्टन रहीं। वर्ष 2012 में फुटबॉल के लिए मशहूर सुब्रतो कप में उन्होंने दिल्ली की टीम का प्रतिनिधित्व किया था।

2018 में ग्रेटर नोएडा आ गया था परिवार
वर्ष 2018 में वह उनका परिवार दिल्ली से ग्रेटर नोएडा के पी-3 स्थित जलवायु विहार आ गया। यहां उनकी मां नॉलेज पार्क स्थित भरतराम पब्लिक स्कूल में एडमिन की जॉब कर रही थीं। पिछले वर्ष नवंबर में ही वह सेवानिवृत्त हुई हैं। इशिता के बड़े भाई अधिवक्ता ईशान हर्ष यहीं पर रहकर प्रैक्टिस कर रहे हैं।

मधुबनी पेंटिंग का भी है शौक
इशिता शिक्षा और खेल में टॉप कर ही रहीं हैं लेकिन वह कला का भी शौक रखती हैं। उन्होंने घर में कई मधुबनी पेंटिंग बनाकर सजाई हुई हैं।
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'परिवार ने दिया मुझे समर्थन'
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए इशिता ने कहा कि मेरे परिवार ने मुझे असीम समर्थन दिया, भले ही मैंने प्रीलिम्स को दो बार पास नहीं किया लेकिन उन्हें मुझ पर बहुत विश्वास था। जिस तरह से उन्होंने मुझे आगे बढ़ाया और मेरे लिए चीजों को आसान बनाया, मैं उसके लिए उनकी आभारी रहूंगी।
 
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