- मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद यीडा ने शुरू की जमीन आवंटन की प्रक्रिया, ओएसडी से मिले कंपनी के अधिकारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश की पहली सोलर सेल बनाने की फैक्टरी यमुना सिटी के सेक्टर-8 में लगेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंजूरी मिलने के बाद फैक्टरी के लिए इंवेस्ट यूपी से सहमति पत्र मिल चुका है। अब यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने कंपनी को जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए बुधवार को कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी मनोज शुक्ला समेत अन्य ओएसडी शैलेंद्र सिंह भाटिया से मिलने पहुंचे।
एसएईएल इंडस्ट्रील लिमिटेड यमुना सिटी में सोलर सेल के अलावा मॉड्यूल के निर्माण के लिए फैक्टरी लगाएगी। कंपनी के प्रतिनिधियों के मुताबिक अभी तक यूपी में कुछ कंपनियां सोलर मॉड्यूल बनाने का काम कर रही हैं। इसका उपयोग सोलर पैनल बनाने में उपयोग किया जाता है। हालांकि प्रदेश में सोलर सेल का उत्पादन नहीं होता। इन सोलर सेल का उपयोग माॅड्यूल में कर बिजली बनाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाती है। इसके अलावा सोलर प्लांट के लिए जरूरी कुछ दूसरे उपकरण भी यहां बनाए जाएंगे। कंपनी यमुना सिटी में करीब 8253 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके लिए 200 एकड़ जमीन की जरूरत है। कंपनी प्रतिनिधियों का दावा है कि फैक्टरी शुरू होने से यहां 2500 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा।
ओएसडी उद्योग शैलेंद्र सिंह भाटिया ने बताया कि कंपनी को प्रोजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराए जाने के लिए आशय पत्र 24 फरवरी 2025 को ही जारी कर दिया गया था। अब प्रदेश सरकार से सहमति के लिए लेटर ऑफ कंफर्ट कंपनी को 10 जुलाई को मिल गया है। इस सहमति पत्र के बाद अब जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू प्राधिकरण करेगा। कंपनी ने अपनी मांग प्राधिकरण को बताई है। सेक्टर-8 में कंपनी को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
एक नजर प्रोजेक्ट पर
- 200 एकड़ में लगेगी फैक्टरी
- 8253 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित
- 2500 लोगों को मिलेगा रोजगार
- 5 गीगावाट सोलर सेल निर्माण की क्षमता
- 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण की क्षमता
बुंदेलखंड में पैदा होगी बिजली
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में ही दूसरा भाग बुंदेलखंड में रहेगा। यहां 7.5 गीगावाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया जाना है। इस पर भी कंपनी ने काम शुरू कर दिया है।