भाजपा नेताओं ने उठाया मामला, हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने कई प्रस्ताव पास किए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एनडीएमसी की बैठक में बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में उनके आवास पर करोड़ों रुपये खर्च करने के मामले में भाजपा नेताओं ने हंगामा किया। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से कई सवाल किए। इस कारण बैठक के एजेंडे में शामिल एक भी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री ने हंगामे के बीच अधिकतर प्रस्ताव पास कर दिए।
एनडीएमसी की बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कर रहे थे। मुख्यमंत्री के बैठक में आते ही एनडीएमसी के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, सदस्य कुलजीत चहल व विशाखा सैलानी ने आवास पर करोड़ों रुपये खर्च करने का मुद्दा उठाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, उन्होंने मकान के संबंध में मुख्यमंत्री से सवाल किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनको मुद्दा उठाने की इजाजत नहीं दी और वे बैठक के एजेंडे पर चर्चा करने का आग्रह करते रहे। वहीं, आम आदमी पार्टी के विधायक वीरेंद्र कादियान ने भाजपा नेताओं का विरोध किया। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री अधिकारियों से बात करके एजेंडे में शामिल प्रस्तावों पर निर्णय लेते रहे। उन्होंने अधिकतर प्रस्ताव पास किए, जबकि कुछ को स्थगित कर दिया। मुख्यमंत्री के जाने के दौरान भी भाजपा नेताओं व आप विधायक के बीच नारेबाजी का दौर चलता रहा। उधर एनडीएमसी ने बैठक में पास हुए एजेंडे के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी।
मुख्यमंत्री ने जनता के पैसों का दुरुपयोग किया : भाजपा
भाजपा नेता सतीश उपाध्याय, कुलजीत चहल व विशाखा सैलानी ने बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि मुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर करोड़ों रुपये खर्च होने के मामले में सवाल किए, लेकिन उन्होंने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया और वे बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। मुख्यमंत्री ने आवास तैयार कराने में जनता की ओर से टैक्स के तौर पर दिए गए पैसे का दुरुपयोग किया है। इस कारण मुख्यमंत्री को सवालों के जवाब देने चाहिए थे। मुख्यमंत्री कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं। इस तरह मुख्यमंत्री का दोहरा चरित्र जनता के सामने आ गया है।