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शव से छेड़छाड़ के आरोप पर अस्पताल में हंगामा

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ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित यथार्थ वैलनेस अस्पताल में सोमवार को शव लेने पहुंचे दादरी के कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि उनके परिजन की कोविड से मौत हुई है, लेकिन शरीर खून से लथपथ है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर शव से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। अस्पताल प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर पुलिस को भी मौके पर बुलवा लिया। इसके बाद शव की धुलाई कर परिजन को तसल्ली दिलाई गई और शव उनके सुपुर्द कर दिया। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल पॉलिसी को लेकर विवाद की शुरुआत और बाद में आरोप लगाने की बात कही है।
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मूलरूप से दादरी के रहने वाले निशांत ने बताया कि उनके बड़े भाई सुदेश गोयल कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्हें करीब 40 दिन पहले यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन पहले वह कोरोना निगेटिव भी हो गए, लेकिन अचानक फिर से तबीयत बिगड़ी तो फिर सुधर नहीं पाई। रविवार शाम उनकी मौत हो गई। सोमवार सुबह निशांत परिजनों के साथ शव लेने पहुंचे तो खून से सना शव देखकर भड़क गए। उन्होंने शव से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही।
अस्पताल पर ऑक्सीजन बंद करने का आरोप
दादरी निवासी मुकेश गोयल ने सुदेश की मौत मामले में अस्पताल पर ऑक्सीजन बंद करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रविवार को दिन में ऑक्सीजन अचानक बंद कर दी गई, जिससे शाम को उनकी मौत हो गई। उनके भाई की मौत अस्पताल की लापरवाही से हुई है। इसी अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण दस दिन पहले उनके चाचा सुनील गोयल व चाची मिनाक्षी गोयल की भी मौत हो चुकी है। आरोप है कि 13 लाख अस्पताल को देने के बाद उन्होंने पांच लाख रुपये की दवाइयां खुद खरीदकर दी हैं।
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शव से छेड़छाड़ का आरोप निराधार है। मरीज के परिजन के साथ मेडिक्लेम व बिल को लेकर लेकर विवाद हुआ था। उनकी चार लाख की पॉलिसी थी, जिसे 10 लाख की बताकर मरीज को भर्ती कराया था। रियायत देकर मामला सुलझा लिया गया है।
- डॉ. संजीव बालियान, चिकित्सा अधीक्षक यथार्थ वेलनेस अस्पताल ग्रेनो वेस्ट
अस्पताल में हंगामे की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंच कर समझा-बुझाकर शांत करा दिया। परिजन से कहा गया है कि ोई समस्या है तो संबंधित विभाग या अधिकारी से लिखित शिकायत करें। अभी कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है।
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- अनीता चौहान, कोतवाली प्रभारी बिसरख
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