नोएडा। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्दनेजर बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल में सोमवार को नई स्किल लैब बनाई गई। यहां तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया, जो कि कोरोना से बच्चों के बचाव को लेकर तैयार किया गया है। अगले तीन दिन तक मेरठ मंडल से आए 24 डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टाफ को लखनऊ से आए एक्सपर्ट प्रशिक्षित करेंगे।
दो जून तक चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में दौरान लखनऊ से आए चार विशेषज्ञों की टीम बाल रोग चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ को बच्चों के इलाज संबंधी बेहतर तकनीकों से अवगत कराएंगे। बच्चों का इलाज करते वक्त किन बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। क्या सुरक्षात्मक उपाय अपनाए जा सकते हैं आदि जानकारियां दी जाएगी। वहीं, मेरठ मंडल के सभी जनपदों के 24 चिकित्सकों व कर्मचारियों को इसमें शामिल किया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा।
प्रदेश में दो स्किल लैब
जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि प्रदेश में दो स्किल लैब बनाई गई हैं। इनमें एक लखनऊ व दूसरी गौतमबुद्ध नगर में है। गौतमबुद्ध नगर की लैब में जिले सहित बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड व बुलंदशहर के चार-चार चिकित्सकों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक चिकित्साधिकारी, एक स्टाफ नर्स व एक स्टाफ मेंटर शामिल किए गए हैं। वहीं, प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सक भी यहां पहुंचेंगे।
विशेषज्ञों की टीम में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॅालेज के बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. प्रवीन कुमार व डॉ. शालू गुप्ता, मध्य प्रदेश गवर्नमेंट कॅालेज के प्रोफेसर डॉ. एके रावत शामिल होंगे। पहले दिन सभी जनपदों के चिकित्सकों को आठ घंटे स्किल लैब में ह्यूमन डमी व बच्चों के इलाज के लिए विभिन्न बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया गया।
जिले में अब तक 288 बच्चे संक्रमित हुए
जिले में 18 वर्ष से कम आयु के अब तक 288 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 131 पहली लहर और 157 दूसरी लहर में संक्रमित हुए थे। अधिकांश बच्चों में माइल्ड लक्षण होने के कारण वह जल्दी ठीक हुए, लेकिन गंभीर बीमारियों से ग्रस्त 4 से अधिक बच्चे इस कोरोना से अपनी जान गंवा चुके हैं।
जिंदादिली से जीती कोरोना से जंग
ग्रेनो निवासी विनीत ने बताया कि वह संयुक्त परिवार में रहते हैं। उनके घर में 18 सदस्यों को कोरोना हुआ था। इनमें 5 बच्चे थे। 1 से 17 साल तक की आयु के इन बच्चों ने बेहद जिंदादिली से कोविड से जंग जीती। एक साल की प्रियंवदा, 7 साल की इरा, 11 साल की तेजस्वनी, 12 साल के श्लोक और 17 वर्षीय रिति ने बड़ों की अपेक्षा कोरोना को जल्दी हराया। उन्होंने कहा, बच्चों में सकारात्मकता अधिक होती है और डर कम। इसलिए वे इस बीमारी से लड़ सके।
जिले में कोरोना के 68 नए संक्रमित, एक की मौत
जिले में कोरोना की दूसरी लहर थमने लगी है। सोमवार को 68 नए संक्रमित मिले, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई। मई में मौत का यह सबसे कम दैनिक आंकड़ा है। इससे पहले हर दिन औसतन 3 मौतें तक दर्ज की गई हैं। जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 450 हो गई है, वहीं 24 घंटे में 181 लोग संक्रमण से ठीक हुए हैं। इन्हें मिलाकर 60833 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 1073 लोगों का इलाज चल रहा है। कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में जिले का प्रदेश में छठा स्थान है।