संशोधित नियमों के तहत अब प्रमोटर और डेवलपर आवंटन हस्तांतरण अथवा उत्तराधिकार के मामलों में निर्धारित सीमा से अधिक ट्रांसफर या प्रोसेसिंग शुल्क नहीं ले सकेंगे। यदि कोई बिल्डर तय सीमा से ज्यादा रकम मांगता है, तो उसके खिलाफ आवंटी ई-कोर्ट प्रणाली के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अब प्रमोटर उत्तराधिकारी के साथ नया बिक्री अथवा लीज समझौता नहीं करेंगे, बल्कि पुराने समझौते में ही आवश्यक एंडोर्समेंट कर रिकॉर्ड अपडेट किए जाएंगे।
इससे ट्रांसफर प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। नए नियमों के अनुसार यदि किसी आवंटी की मृत्यु हो जाती है और संपत्ति परिवार के सदस्य को हस्तांतरित की जाती है, तो प्रमोटर अधिकतम एक हजार रुपये तक ही प्रोसेसिंग शुल्क ले सकेगा। इसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र और अन्य कानूनी वारिसों की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जमा करनी होगी। परिवार के अन्य सदस्य को ट्रांसफर के मामलों में भी यही शुल्क लागू होगा। वहीं यदि संपत्ति किसी गैर-पारिवारिक व्यक्ति को हस्तांतरित की जाती है, तो अधिकतम 25 हजार रुपये तक प्रोसेसिंग शुल्क लिया जा सकेगा।
कैसे करें ऑनलाइन शिकायत
अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए आवंटियों को यूपी रेरा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई-कोर्ट लॉगिन/साइन-अप विकल्प चुनना होगा। इसके बाद फॉर्म-एम के तहत शिकायत दर्ज कर 'ग्राउंड ऑफ कम्प्लेंट' में 'अनलॉफुल ट्रांसफर चार्जेज' विकल्प चुनना होगा। शिकायत के साथ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद एक हजार रुपये शुल्क जमा करना होगा।