यूपी रेरा ने लांच की 2853 परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की ई-बुक
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने प्रदेश के 2853 परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की ई-बुक लांच कर दी है। एक परियोजना का ब्योरा एक पेज में दिया गया है। इसमें 20 बिंदुओं पर परियोजना के बारे में जानकारी दी गई है। ताकि, खरीदारों को हर प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी मिल सके।
यूपी रेरा में इस समय प्रदेश के 2871 परियोजनाएं पंजीकृत हैं। ज्यादातर को पूरा करने का समय हो गया है, लेकिन खरीदारों को इसकी जानकारी नहीं मिल पाती। खरीदारों को ध्यान में रखकर यूपी रेरा ने सोमवार को ई-बुक का लिंक अपनी वेबसाइट पर दिया है। वहां जाकर खरीदार हर परियोजना के बारे में जानकारी ले सकते हैं। ई-बुक में कुल 2853 परियोजनाओं की जानकारी है। 20 बिंदुओं में जिला, बिल्डर का नाम, प्रोजेक्ट की श्रेणी, संबंधित प्राधिकरण का नाम, प्रोजेक्ट शुरू और पूरा होने की वास्तविक तिथि, स्वीकृत प्लान की वैद्यता, पूरा करने की संशोधित तिथि, कुल टावर व ब्लॉक, कुल यूनिट, बनकर तैयार टावर व यूनिट, पिछली तिमाही प्रगति रिपोर्ट, रिपोर्ट नहीं देने पर लगा जुर्माना, शारीरिक प्रगति प्रतिशत, फाइनेंशियल प्रोग्रेस प्रतिशत, कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की तिथि, खरीदारों की शिकायत, यूपी रेरा के रिफंड एवं कब्जा देने के आदेश शामिल है। वहीं, यूपी रेरा ने अपनी परफॉर्मेंस रिपोर्ट-2020 भी जारी की है। इसमें खरीदारों को न्याय दिलाने के लिए अपनाई जा रही कार्यप्रणाली की जानकारी दी है।
जानकारी के सत्यापन से किया इंकार
यूपी रेरा ने खरीदारों की मदद के उद्देश्य से ई-बुक तैयार करने का दावा किया था, लेकिन ई-बुक में जो जानकारी दी है, उसको सत्यापित करने से इनकार कर दिया है। हर परियोजना की प्रगति रिपोर्ट के आखिरी में यूपी रेरा ने इस संबंध में घोषणा लिखी है कि यह जानकारी बिल्डरों से ली गई है। इस पर नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार का कहना है कि अगर यूपी रेरा ही जानकारी को सत्यापित नहीं कर रहा है तो फिर खरीदार कैसे विश्वास कर लेंगे। यह केवल खरीदारों को गुमराह करने के लिए है। बिल्डर पहले से ही झूठे वादे करते आ रहे है। वही जानकारी यूपी रेरा को दी है।