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Noida News: यूपी रेरा का फर्जी आदेश दिखाकर बैंकों से ऋण मांग रहा बिल्डर

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यूपी रेरा का फर्जी आदेश दिखाकर बैंकों से ऋण मांग रहा बिल्डर
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- यूपी रेरा ने गाजियाबाद के एप्पल टावर प्रोजेक्ट के बिल्डर एएसजीआई प्रॉपर्टीज के खिलाफ दर्ज कराया केस
- बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, यूपी रेरा ने कहा, नहीं दिया गया समय विस्तार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के अवर अभियंता ने गाजियाबाद के बिल्डर एएसजीआई प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बीटा-2 कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि कंपनी ने यूपी रेरा का फर्जी आदेश तैयार किया। जिसमें दिखाया है कि यूपी रेरा ने प्रोजेक्ट को समय विस्तार दिया हैं। आदेश को दिखाकर बैंकों से ऋण मांगा जा रहा है। वहीं कोतवाली पुलिस अफसरों का कहना है कि कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा में सुशांत एक्वापोलिस प्रोजेक्ट है। उसी में एएसजीआई प्रॉपर्टीज बिल्डर का एप्पल टावर नाम से प्रोजेक्ट है। प्रोजेक्ट में दो टावर एस-2ए और एस-2बी है। जहां 170 से अधिक यूनिट बनेंगी। प्रोजेक्ट को समय से पूरा नहीं किया गया। यूपी रेरा में उसका पंजीकरण भी समाप्त हो गया था। बिल्डर की तरफ से यूपी रेरा में समय विस्तार के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन यूपी रेरा ने समय विस्तार नहीं दिया था। आरोप है कि बिल्डर ने यूपी रेरा से प्रोजेक्ट को समय विस्तार मिलने का फर्जी आदेश तैयार करा दिया। आदेश को दिखाकर बिल्डर अलग-अलग बैंक और वित्तीय संस्थान में ऋण मांग रहा है।
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प्रोजेक्ट के खरीदारों की एएसजी एप्पल बायर्स एसोसिएशन ने 4 अगस्त को यूपी रेरा को पत्र लिखकर जानकारी दी। जिसके बाद यूपी रेरा ने जांच की तो उसमें समय विस्तार का कोई आदेश जारी नहीं होना पाया गया। अब यूपी रेरा के ग्रेटर नोएडा कार्यालय के अवर अभियंता रमेश कुमार पांडेय ने बिल्डर कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। बीटा-2 कोतवाली के प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि बिल्डर कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। बिल्डर ने यूपी रेरा का फर्जी समय विस्तार का आदेश बना लिया। कागजात की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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24 फरवरी की बैठक में नहीं बनी थी सहमति

यूपी रेरा के अफसरों ने एफआईआर में पुलिस को बताया कि बायर्स एसोसिएशन की शिकायत पर जांच की गई तो पता चला कि बिल्डर के आवेदन पर 24 फरवरी 2025 को यूपी रेरा की परामर्श एवं मॉनिटरिंग कमेटी ने समीक्षा बैठक की थी। बैठक में प्रोजेक्ट को समय विस्तार देने के लिए यूपी रेरा के ग्रेटर नोएडा कार्यालय को कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए। साथ ही 3 मार्च, 2025 की तारीख में प्रोजेक्ट को समय विस्तार देने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया। बिल्डर इसी तारीख के आदेश से ऋण मांग रहा है। यूपी रेरा ने जांच में माना है कि बिल्डर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है। साथ ही यूपी रेरा के नाम से वित्तीय संस्थानों से ऋण मांगा जा रहा है।
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