पिछले साल 1200 से 1500 तक का था प्रावधान, न्यूनतम छात्र संख्या अभी भी 250 ही रहेगी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा । यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की 2025 में होने वाली परीक्षा के लिए अब राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्तविहीन स्कूलों में अधिकतम 2000 छात्र-छात्राओं पर एक केंद्र बनाने का प्रावधान किया गया है। माना जा रहा है कि केंद्रों में छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक होने से परीक्षा केंद्र कम हो जाएंगे। इससे बोर्ड परीक्षा की निगरानी में भी सहूलियत होगी।
पिछले साल स्कूलों में अधिकतम 1200 छात्र संख्या आवंटित करने का नियम था। लेकिन, अधिक क्षमता वाले राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को छूट देते हुए अधिकतम 1500 छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र बनाने का प्रावधान किया गया था। पर अब सत्र 2025 से इन नियमों में बदलाव होने जा रहा है। अब अधिकतम 2,000 छात्रों पर एक केंद्र बनाने का प्रावधान है। हालांकि, न्यूनतम छात्र संख्या पिछले साल की तरह 250 ही रहेगी। डीआईओएस डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि बोर्ड की ओर से कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए तैयारियां शुरु हो गई हैं। केंद्र में सुविधाओंं की जांच के लिए कमेटी का गठन किया जा रहा है।
सात किलोमीटर दूरी पर आवंटित होगा परीक्षा केंद्र
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाएं, जिन्हें स्वकेंद्र की सुविधा नहीं है, उन्हें अधिकतम सात किलोमीटर की दूरी में परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले परीक्षार्थियों को भी अधिकतम सात किलोमीटर दूरी में ही केंद्र आवंटित किया जाएगा। छात्रों का परीक्षा केंद्र 12 किलोमीटर की परिधि में आने वाले विद्यालयों में निर्धारित किया जाएगा। विषम भौगोलिक परिस्थिति एवं विद्यालय नहीं होने पर परीक्षार्थियों को 15 किलोमीटर की परिधि में परीक्षा केंद्र आवंटित होगा। वहीं, वर्ष 2025 की बोर्ड परीक्षा के लिए राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों की अर्हता भी प्रमाणित कराई जाएगी।