उन्नाव। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व महामंत्री पर अधिवक्ता भवनों के निर्माण में 76.22 लाख के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। आम सभा की बैठक में इस पर सदस्यों ने सर्वसहमति से स्वीकृति दी ीै।
बार एसोसिएशन की पूर्व कार्यकारिणी द्वारा भगवान परशुराम, राजा रावराम बक्स सिंह और आचार्य विष्णु गुप्त चाणक्य अधिवक्ता भवनों का निर्माण कराया गया था। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश कुमार शुक्ल और पूर्व महामंत्री अरविंद कुमार दीक्षित को आय व्यय की मूल प्रतियां उपलब्ध न कराने और 76.22 लाख रुपये के गबन का दोषी पाया गया था। 24 सितंबर को दोनों को बार एसोसिएशन की प्राथमिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया था। साथ ही एक माह के अंदर बार एसोसिएशन के खाते में गबन की धनराशि जमा करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ था। तय समय पर पैसा जमा न होने पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष गिरीश मिश्रा ने सोमवार को आम सभा की बैठक बुलाई। अधिवक्ताओं ने सर्व सम्मति से दोषी पूर्व पदाधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज की सहमति दे दी।
पूर्व अध्यक्ष और महामंत्री ने एसपी से की मुलाकात
कहा- बार कौंसिल चुनाव लड़ने से रोकने के लिए की जा रही साजिश
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। बार एसोसिएशन की बैठक में एफआईआर दर्ज कराने पर सहमति की जानकारी पर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और महामंत्री ने अन्य अधिवक्ताओं के साथ एसपी से मुलाकात की। आरोप लगाया कि बार एसोसिएशन में शामिल कुछ लोग उन्हें बार कौंसिल का चुनाव लड़ने से रोकने के लिए साजिश कर रहे हैं।
पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ला ने आरोप लगाया कि बिना कोरम पूरा किए मनमाने तरीके से प्रस्ताव पारित कराया गया है। एसपी को बताया कि अपने कार्यकाल में तत्कालीन महामंत्री अरविंद कुमार दीक्षित और वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य राकेश शुक्ला के सहयोग से लगभग 250 चेंबरों के लिए तीन अधिवक्ता भवनों का निर्माण कराया था। कहा कि आवंटी व अन्य अधिवक्ताओं को कोई शिकायत या आपत्ति नहीं है।
पूर्व महामंत्री अरविंद कुमार दीक्षित ने कहा बार एसोसिएशन की ओर से लिया गया एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय न्यायोचित नहीं है। अधिवक्ता अभिषेक सचान, ललित पांडेय, ऋतुराज सिंह चौहान, राजेंद्र बाजपेयी, रामनरेश यादव, रामेश बाबू द्विवेदी, सुनील श्रीवास्तव भी साथ रहे।
फोटो नंबर-27- बैठक में संबोधित करते उन्नाव बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गिरीश कुमार मिश्रा। स्रोत: