फोटो-4-रेडीमेड कपड़ों की हुई सिलाई देखती कृष्णा देवी। स्त्रोत: स्वयं
उन्नाव। सिकंदरपुर सरोसी ब्लाॅक क्षेत्र के गांव आजादपुरम की कृष्णा देवी अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं। उन्होंने रेडीमेड कपड़ों का उद्यम स्थापित करके परिवार की आर्थिक स्थिति तो सुधार ही साथ ही करीब 30 लोगों को रोजगार दे रही हैं।
कृष्णा देवी ने बताया कि आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए उन्होंने उद्यम स्थापित करने की सोची लेकिन बजट आड़े आ गया। इसके बाद खादी ग्रामोद्योग की मदद से कपड़ों के निर्माण के लिए बैंक से 10 लाख का ऋण लेकर काम शुरू किया। इसमें करीब 35 फीसदी की सब्सिडी विभाग की ओर से दी जाएगी। इसकी मदद से 15 सिलाई मशीन सहित आठ अन्य मशीनें खरीदीं। संचालन के लिए सोलर प्लांट लगवाया। इसके बाद कपड़ों का निर्माण शुरू किया।
शुरुआती दौर में कुछ समस्याएं आईं लेकिन धीरे धीरे काम ने रफ्तार पकड़ी। इसके बाद बाहर से ऑर्डर मिलने शुरू हो गए। इससे काम ने रफ्तार पकड़ ली और 20 अन्य लोगों को लगाना पड़ा। कृष्णा ने बताया कि प्रतिमाह लगभग दो हजार शर्ट तैयार होती हैं। इनकी बिक्री छह लाख रुपये में होती है। इससे करीब एक लाख की बचत हो जाती है। बताया कि उद्यम को और रफ्तार देने का प्रयास कर रही हैं।