- सैंथली गांव में नाली के पानी को लेकर ताऊ-भतीजे की हत्या का मामला
- मृतकों के परिजन से मिलने के लिए गांव पहुंचने लेगा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता
- हत्यारों की गिरफ्तार की मांग को लेकर मृतकों के परिजन जल्द पुलिस आयुक्त से मिलेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी/ग्रेटर नोएडा। जारचा कोतवाली क्षेत्र के सैंथली गांव में दिवाली पर नाली के पानी को लेकर विवाद में ताऊ भतीजे के हत्यारों को पुलिस तीन दिन बाद भी नहीं पकड़ पाई है। हत्यारों की गिरफ्तार की मांग को लेकर मृतकों के परिजन जल्द पुलिस आयुक्त से मिलने के लिए जाएंगे। वहीं मृतक परिवार के घर रिश्तेदारों व आसपास के गांव के लोगों के अलावा राजनीतिक, सामाजिक लोग ढांढस बधाने के लिए पहुंचने रहे हैं।
दादरी के तुलसी विहार कॉलोनी निवासी धारा सिंह व अजय पाल सिंह परिवार के साथ दिवाली पर सैंथली गांव स्थित घर में साफ-सफाई और पूजा के लिए गए थे। तीसरे भाई दीपांशु के पिता अनूप भाटी गांव में ही रहते हैं। वहां पर पड़ोसी प्रिंस भाटी से 19 अक्तूबर की शाम को नाली के पानी निकालने को लेकर वाद विवाद हो गया था। किसी तरह ग्रामीणों ने मामला शांत कराया था। आरोप है कि प्रिंस भाटी ने उसी शाम को ही गांव में कुछ अन्य अपने साथी बदमाश भी बुलाए थे। अगले दिन 20 अक्तूबर को सुबह करीब साढ़े 9 बजे गाली गलौज कर सबक सिखाने को शोर मचाया। जिसे सुनकर आसपास के लोग भी आ गए थे। आसपास के लोगों को आता देख दीपांशु को पहले हाथ में गोली मारी उसके बाद दूसरी गोली कनपटी पर मार दी थी। अजय पाल को भी गोली मारी गई। जिससे दोनों की मौत हो गई थी। जबकि दो लोगों को गोली लगने से घायल हो गए थे। पीड़ित परिजन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार लोगों प्रिंस भाटी, जितेंद्र भाटी, बॉबी तोंगड़ और मनोज नागर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सांत्वना देने के लिए पहुंचे दादरी विधायकः मृतक परिवार के घर पर सांत्वना देने के लिए बुधवार को विधायक तेजपाल सिंह नागर, सपा नेता राजकुमार भाटी, फकीर चंद नागर, जिला पंचायत सदस्य देवा भाटी पहुंचे। नेताओं के अलावा सामाजिक व आसपास के गांवों के लोगों का तांता लगा रहा। सभी ने हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।
सरकारी नौकरी का देखा था सपना : मृतक दीपांशु ने बीबीए स्नातक की पढ़ाई मेरठ के सुभारती कॉलेज से की थी। वह सरकारी नौकरी के लिए एसएससी सीजीएल की तैयारी दादरी के जीटी रोड स्थित मिहिर भोज कॉलेज के पास बनी लाइब्रेरी में कर रहा था। इंटरमीडिएट में 80 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। सरकारी नौकरी में ऊंचे पद पर पहुंचने के सपने थे।
शादी पर तेरहवीं के बाद निर्णय लेंगे परिजन : मृतक की बहन सुरभि बीए की पढ़ाई कर रही हैं। उसकी शादी 2 नवंबर को होनी है। उसकी शादी दादरी के तुलसी विहार में तय हो रखी है। मगर भाई की मौत का गम बहन नहीं भुला नहीं पा रही हैं। अंतिम संस्कार में गांव रिश्तेदारों की भारी भीड़ को देख आंखें नाम थी। सभी के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींची हुई थी। 26 अक्तूबर को शोक सभा व तेरहवीं का आयोजन होगा। इस आयोजन के बाद सुरभि की शादी के लिए निश्चित समय पर करने या अलग समय रखने की लेकर परिजन निर्णय लेंगे।
ताऊ को बचाने में भतीजे ने गंवाई जानः
पुलिस जांच में पता चला है कि अजय पाल का परिवार गांव के मंदिर में पूजा करने गया था। जब दो कारें दरवाजे पर रुकीं, तो अजय पाल को शक हुआ कि प्रिंस परिवार पर हमला कर सकता है। जैसे ही वह घर पर बैठे लोगों के साथ कारों की ओर बढ़ा, अपराधियों ने हवा में पिस्तौल तान दी थी। फिर उन्होंने गोलियां चलाई थी। एक गोली अजय पाल के सीने में लगी। गोलियों की आवाज सुनकर अजय पाल का भतीजा दीपांशु अपने ताऊ को बचाने के लिए दौड़ा था। अपराधियों ने दीपांशु पर भी सीधी गोली चलाई, जो उसके सीने और कनपटी में लगी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
जेल से बाहर आए बदमाशों से हो रही पूछताछ :
पुलिस की ओर से आरोपियों की तलाश में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा जेल से हाल ही बाहर आए बदमाशों से भी आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस की ओर से घटना स्थल के अलावा आरोपी के घर में लगे सीसीटीवी की फुटेज को कब्जे में लिया गया है। वहीं कार नंबर के आधार पर सीसीटीवी के जरिये उनकी तलाश की जा रही है। लेकिन घटना के बाद से आरोपियों ने मोबाइल बंद कर रखा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी वाट्सऐप कॉलिंग के जरिये ही एक दूसरे से संपर्क कर रहे हैं। वहीं एसीपी ग्रेटर नोएडा अजीत कुमार का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर के अलावा गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर आदि जगह पर रहने वाले आरोपियों की रिश्तेदारियों के यहां दबिश दी गई है। कई लोगों को हिरासत में लेकर जानकारी जुटाई जा रही है ।