ग्रेटर नोएडा। बैंक से लिए गए 10 लाख रुपये कर्ज की किस्त समय से नहीं चुका पाने और वसूली टीम के दबाव के चलते गांव युवक ने फंदे से लटककर जान दे दी। गिरधरपुर स्थित एनसीआर कॉलोनी निवासी मूलचंद (34) लॉकडाउन में आर्थिक संकट से घिर गया था। परिजनों के मुताबिक आधी सैलरी मिलने की वजह से वह होम लोन की किस्त नहीं चुका पा रहा था। मामले की शिकायत बादलपुर कोतवाली में की गई है।
एनसीआर कॉलोनी में मूल रूप से बुलंदशहर के गांव नरसैना निवासी मूलचंद पत्नी व तीन बेटियों व एक बेटे के साथ रहता था। वह गाजियाबाद की एक पेंट कंपनी में नौकरी करता था। लॉकडाउन में उसे आधा वेतन मिलता था। आधी सैलरी ही मिलने के चलते वह किसी तरह परिवार भरण पोषण कर पा रहा था। करीब दो वर्ष पहले मूलचंद ने बैंक से 10 लाख रुपये होम लोन लिया था। करीब एक लाख रुपये मकान दिलाने वाले डीलर के भी उधार थे।
आर्थिक संकट के चलते वह बैंक के लोन और जिनसे उधारी ली हुई थी उनके पैसा नहीं दे पा रहा था। बैंक की वसूली टीम लगातार उससे किस्त जमा करने के लिए दबाव बना रही थी। वहीं उसकी पत्नी भी बीमार रहती थी। पत्नी के बीमार रहने के चलते आए दिन बीमारी में भी पैसा लग रहा था। पत्नी की बीमार रहने और बैंक की किस्त नहीं चुका पाने से परेशान मूलचंद ने शुक्रवार को अपने घर के एक कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना बादलपुर पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिवार को मकान से निकालने के लिए दी जा रही थी धमकियां
परिजनों ने बताया कि बैंक की किस्त के लिए लगातार उस पर काफी दबाव पड़ रहा था। बार-बार फोन आ रहे थे। परिवार को मकान से निकाल कर ताला बंद करने की धमकियां दी जा रही है। जिससे तंग आकर मूलचंद ने कदम उठाया है। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई है।