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Noida News: कमीशन के लिए ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले दो युवक गिरफ्तार

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- महिला से 5.60 करोड़ की ठगी में दोनों शामिल थे, 65 लाख आए थे इनके खाते में
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- देश भर में 22 साइबर ठगी में शामिल हैं आरोपी, पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। ठगी के लिए किराये पर बैंक खाता मुहैया कराने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए शुक्रवार को साइबर थाने की पुलिस ने दो ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खाते में ठगी की रकम गई थी। ये जालसाज देशभर में हुए 22 साइबर ठगी में शामिल रहे हैं। पुलिस ने इनका मोबाइल भी कब्जे में लिया है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि 30 अक्टूबर को एक महिला ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि महिला से सोशल मीडिया पर एक शख्स ने संपर्क किया। आरोपियों ने निवेश के बाद मोटे मुनाफे का झांसा दिया। उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया। इसके बाद महिला से 5.60 करोड़ रुपये निवेश करा लिए गए। प्राथमिकी दर्ज कर साइबर क्राइम की टीम जांच में जुटी थी। जांच में मेरठ के दो युवकों के नाम सामने आए। इनके खाते में ठगी की रकम गई थी। शुक्रवार को पुलिस की टीम ने दोनों को हापुड़ से गिरफ्तार किया। पहचान मेरठ निवासी साहब सिंह और नीरज कुमार के रूप में हुई। पूछताछ में सामने आया कि ठगी की रकम में से 65 लाख 27 हजार 404 रुपये साहब सिंह के बैंक खाते में आए थे। उसके खाते को जब एनसीआरपी पोर्टल पर चेक किया तो उस पर विभिन्न राज्यों में 22 शिकायतें दर्ज मिलीं। साहब सिंह ने ठगी के पैसे साथी नीरज को दिए थे। इसके लिए उसे 20 फीसदी कमीशन मिला था। साहब सिंह ने बताया कि नीरज, चालू बैंक खातों को चरणजीत को देता था। चरणजीत का साइबर गैंग के साथ बातचीत होती थी। पुलिस अब चरणजीत की तलाश में जुटी हुई है।
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बीए पास साहब, इंटर है नीरज

आरोपी साहब सिंह बीए पास है, जबकि नीरज इंटर पास है। दोनों साइबर ठगों में आकर इनके साथ शामिल हो गए। इनके खाते में साइबर ठगी की रकम आने लगी और इन्हें मोटा कमीशन मिलने लगा। ये लोग अपने साथ कुछ अन्य लोगों को भी जोड़ रहे थे। एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने लोगों से अपील की है कि सतर्कता से साइबर अपराध से बचा जा सकता है।
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