ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले बांग्लादेशी गैंग का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 3.86 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में की गई। आरोपियों को बिहार के कटिहार जिले के शहीद चौक पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोगाताचाकी निवासी जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल और मोहम्मद गुलाम मुस्तफा निवासी टांगाइल बांग्लादेश के रूप में हुई है। फिलहाल, मोहम्मद गुलाम मुस्तफा पूर्णिया बिहार में रह रहा था।
कोतवाली पुलिस का कहना है ग्लोबलाइज्ड इम्पोर्ट के मालिक संतोष कुमार चौबे ने करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि सिलीगुड़ी स्थित चाकी ट्रेडिंग हाउस के मालिक सौगाता चाकी और बांग्लादेश निवासी गलाम अली ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये हड़पने की योजना बनाई थी संतोष कुमार चौबे ने आरोप लगाया था कि उन्हें बांग्लादेश से लेटर्स ऑफ क्रेडिट लाने और निवेश पर 7 प्रतिशत से 12 प्रतिशत मासिक रिटर्न देने का वादा किया गया था। इसी बहाने उनसे 3.86 करोड़ की राशि उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक खातों में ट्रांसफर करवाई गई थी।
पीड़ित का दावा था कि आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड के आधार पर बैंक अकाउंट खुलवाए, जिनके जरिए यह धोखाधड़ी की गई। सौगाता चाकी और गलाम अली ने एक नकली इनवेस्टमेंट एग्रीमेंट और रेंट एग्रीमेंट तैयार किया था। जिसके आधार पर यह विश्वास दिलाया गया कि यह निवेश सुरक्षित और लाभप्रद होगा। जब पीड़ित ने अपनी राशि वापस मांगी, तो आरोपियों ने बहाने बनाकर टालमटोल करना शुरू कर दिया। जांच के दौरान यह सामने आया कि गलाम अली बांग्लादेश का नागरिक है और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में बैंक खाते संचालित कर रहा था। शिकायत पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी 3.86 करोड़ रुपये की ठगी में शामिल थे। इनके खिलाफ थाना नॉलेज पार्क में धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज था। पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी कटिहार के शहीद चौक पुल के पास छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को धर दबोचा। आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार कर और लोगों को झांसा देकर बड़ी रकम हड़पते थे। मामले की जांच के दौरान पता चला कि गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और ठगी की रकम का पता लगाने में जुटी है। आरोपियों को जल्द ही कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि गैंग से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सके। पुलिस के अनुसार, यह गैंग पहले भी कई बड़े मामलों में संलिप्त हो सकता है।