ग्रेटर नोएडा के शारदा अस्पताल में बृद्ध मरीज का इलाज करते डॉक्टर।
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दो मेडिकल छात्राओं ने 71 वर्षीय बुजुर्ग को दी जिंदगी
ग्रेटर नोएडा। शारदा अस्पताल के मेडिकल विभाग की दो छात्राओं ने 71 वर्षीय बुजुर्ग को नई जिंदगी दी है। बुजुर्ग के लीवर में पस भर गया था। कोरोना संक्रमित होने के साथ ही उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। संक्रमित होने के कारण सर्जरी नहीं की जा रही थी, लेकिन हालात बिगड़ने पर दोनों छात्राओं ने वेंटिलेटर पर ही सर्जरी कर पस निकाल दिया। इसके बाद से बुजुर्ग की हालत में काफी सुधार हुआ है।
शारदा विवि के स्कूल ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च से पोस्ट ग्रेजुएट कर रही सर्जरी विभाग की डॉ. वाणी दत्ता की ड्यूटी कोरोना वार्ड के आईसीयू में लगी थी। आईसीयू में एक 71 वर्षीय बुजुर्ग का भी इलाज चल रहा था। बुजुर्ग का ऑपरेशन होना था, लेकिन संक्रमित होने के कारण डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर का प्रयोग नहीं कर पा रहे थे और संक्रमण से ठीक होने का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार को बुजुर्ग की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। उस समय डॉ. वाणी दत्ता आईसीयू में ही थी। उन्होंने सर्जरी करने का फैसला लिया। डॉ. वाणी ने रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट की डॉ. आंचल के साथ सफल सर्जरी की। अल्ट्रासाउंड मशीन की मदद से दोनों ने मिलकर बुजुर्ग के लीवर से पस निकाल दिया। हालांकि, इस दौरान सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. आशुतोष निरंजन और रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी विशाल गुप्ता बाहर से मदद कर रहे थे।
गंभीर हालत में कराया गया था भर्ती
शारदा विश्वविद्यालय के प्रवक्ता अजीत कुमार ने बताया कि जेवर के नीमका गांव निवासी बुजुर्ग को 12 जुलाई को अस्पताल लाया गया था। लीवर में पस होने के कारण तब उनकी हालत काफी गंभीर थी। इस कारण वेंटिलेटर पर रखा गया। परिजन का आरोप था कि कई निजी और सरकारी अस्पताल में लेकर गए, लेकिन भर्ती नहीं किया गया। कोविड-19 की जांच भी पॉजिटिव आई। सर्जरी के बाद से बुजुर्ग की हालत में काफी सुधार है। सर्जरी करने वाली दोनों डॉक्टर भी काफी खुश हैं।