मेरठ के ध्यानार्थ
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नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र में वारदात, चार घंटे तक पुलिस को नहीं दी जानकारी
मेरठ से तीन दिन पहले ही काम पर आए थे तीनों मजदूर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित सीताराम एसआरएम इंस्टीट्यूट के निर्माणाधीन हॉस्टल में दो माली की धारदार हथियार और भारी वस्तु से हमला कर हत्या कर दी गई। दोनों के साथ कमरे में ठहरा तीसरा कामगार वारदात के बाद से फरार है। नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस को आशंका है कि शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद उसने ही वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी की तलाश में दो टीमें गठित कर पुलिस ने दबिश देनी शुरू कर दी है।
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन हॉस्टल की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में दो कामगारों के खून से लथपथ शव मिले। कामगारों की पहचान मेरठ के अब्दुल्लापुर निवासी इंद्र (45) और इचौंली गांव निवासी शीशपाल (45) के रूप में हुई है। तीन दिन पहले ही ठेकेदार उन्हें काम पर लेकर आया था। उनके साथ मेरठ का ही एक अन्य कामगार भी आया था, जो अब फरार है।
पुलिस ने बताया कि करीब चार घंटे तक मामले का दबाए रखा गया। सुबह छह बजे साथी कामगारों ने शव देखा था, लेकिन ठेकेदार ने मौके पर पहुंचने तक पुलिस को सूचना नहीं देने को कहा। करीब 10 बजे डायल-112 पर सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची।
शराब पार्टी के बाद विवाद की आशंका
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से शराब की खाली बोतलें मिलीं हैं। कमरे में एक कुकर भी मिला है, जिसमें खिचड़ी थी, लेकिन उसे खाया नहीं गया था। पुलिस को आशंका है कि तीनों कामगारों ने देर रात कमरे में शराब पी थी और खाना बनाने के दौरान किसी बात पर विवाद हो गया। जांच में सामने आया कि दोनों मृतकों के सिर के पीछे गंभीर चोट के निशान हैं। पुलिस को कमरे से एक फावड़ा भी मिला है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने पीछे से फावड़े से हमला कर दोनों को गंभीर रूप से घायल किया और बाद में धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी। कमरे की स्थिति देखकर लगता है कि वारदात देर रात करीब 12 बजे के आसपास हुई। हत्या के बाद आरोपी करीब चार घंटे तक शवों के साथ कमरे में ही मौजूद रहा। सुबह करीब चार बजे वह हॉस्टल के मुख्य गेट तक पहुंचा। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने इतनी सुबह बाहर जाने का कारण पूछा तो उसने शौच जाने की बात कही और बाहर निकलकर फरार हो गया।
मोबाइल फोन न होने से जांच में चुनौती
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों और आरोपी में से किसी के पास मोबाइल फोन नहीं था। ऐसे में पुलिस लोकेशन ट्रेस नहीं कर पा रही है। अब पुलिस हॉस्टल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा कामगारों और सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र, डीसीपी ग्रेटर नोएडा डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, एडीसीपी सुधीर कुमार और नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम ने कमरे की बारीकी से जांच कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने कमरे से खून से सने सामान, शराब की बोतलें और अन्य वस्तुएं कब्जे में ली हैं। फावड़े को भी जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या में इस्तेमाल हथियार और मौत के सही समय की पुष्टि हो सकेगी।
मेरठ से काम की तलाश में आए थे मजदूर
घटना की जानकारी मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन जब घटना स्थल पहुंचे, तो उनका रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने मृतक इंद्र के बहनोई से तहरीर मांगी है। तहरीर मिलने के बाद हत्या
की प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
निर्माणस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
निर्माणाधीन हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यहां करीब 30 मजदूर काम करते हैं और रात में छह गार्ड रहते हैं, इसके बावजूद देर रात दो लोगों की हत्या की किसी को भनक तक नहीं लगी। मजदूरों के लिए निर्माण स्थल पर शौचालय की व्यवस्था नहीं थी। सभी मजदूरों को बाहर जाना पड़ता था। पुलिस फिलहाल कई एंगल से जांच कर रही है। आरोपी और मृतकों के बीच पहले से जान-पहचान थी। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर ऐसा कौन सा विवाद हुआ, जिसने दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया। डीसीपी ग्रेटर नोएडा डॉ. प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि घटनास्थल से कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
कोट
दोनों मृतकों के साथ कमरे में ठहरा तीसरा कामगार वारदात के बाद से गायब है। प्रथम दृष्टया उसी पर हत्या का शक है। पुलिस जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करेगी। -राजीव नारायण मिश्र, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, गौतमबुद्ध नगर