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Noida News: चौथी मंजिल से दो बेटियों को धक्का देकर कूदी, मां-बेटी की मौत

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बरौला गांव की घटना, चार बेटियां पैदा होने से तनाव में थी, एक बेटी गंभीर रूप से घायल
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04 साल की बेटी को पहले नीचे फेंका, फिर तीन साल की बेटी को धक्का दिया
माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा।
बरौला गांव निवासी सरिता अपनी दो मासूम बेटियों को चौथी मंजिल से धक्का देकर खुद भी कूद गई। इससे मां और एक बेटी की मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल बेटी का इलाज प्रयाग अस्पताल में चल रहा है। कोतवाली सेक्टर-49 पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्राथमिक जांच में चार बेटियां होने से महिला के परेशान होने की बात सामने आई है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है।
पुलिस के अनुसार, शिव मंदिर के पास जितेंद्र शर्मा के मकान में मूलरूप से हाथरस निवासी मनोज रहते हैं। वह प्रयाग अस्पताल की कैंटीन में काम करते हैं। बुधवार सुबह मनोज काम पर और बड़ी बेटी स्कूल चली गई थी। घर में सरिता दो बेटियों के साथ थी। दोपहर करीब एक बजे सरिता दोनों को लेकर बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर चली गई। सरिता ने पहले चार साल की बेटी कृतिका को नीचे फेंका फिर तीन साल की बेटी दिव्या को नीचे फेंक दिया। इसके बाद खुद भी कूद गई। चार साल की कृतिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दिव्या नीचे नहा रही महिला की पीठ व सरिता तारों से टकराती हुई जमीन पर गिरी। गंभीर हालत में दिव्या और सरिता को प्रयाग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान सरिता की मौत हो गई, जबकि दिव्या का इलाज चल रहा है। नोएडा जोन के एडीसीपी मनीष मिश्र ने बताया कि पुलिस घटना के कारणों का पता लगा रही है।
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नीचे से आवाज लगाई, नहीं मानी सरिता

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सरिता ने जब दोनों बेटियों को फेंका तो नीचे से लोगों ने आवाज लगाकर उसे रुकने के लिए कहा, लेकिन उसने छलांग लगा दी। घटना के बाद घर में मातम पसरा है और पति मनोज का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि सरिता को बेटे की चाहत थी। घर में किसी तरह का आपसी मनमुटाव नहीं था। न ही दपंती का किसी से कोई विवाद था।
पांच महीने पहले हुई थी चौथी बेटी

लोगों ने बताया कि सरिता ने पांच महीने पहले चौथी बेटी को जन्म दिया था। शादी के करीब एक दशक होने के बाद भी बेटा पैदा न होने से उसका तनाव बढ़ रहा था। चौथी बेटी को सरिता ने बहन को गोद दे दिया था। सरिता का स्वभाव काफी मिलनसार था, लेकिन चौथी बेटी के बाद से व्यवहार में बदलाव आ गया था। वहीं, अस्पताल में दिव्या का इलाज चल रहा है। महिला ने बताया कि जैसे ही दिव्या उसकी पीठ पर गिरी तो वह घबरा गई। आसपास के लोग उसे अस्पताल लेकर गए। महिला को भी पीठ और कमर में मामूली चोट आई है।
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स्कूल से अस्पताल पहुंचते ही बिलखने लगी बेटी

जब सात साल की बड़ी बेटी स्कूल से प्रयाग अस्पताल पहुंची तो मां को मृत देखकर बिलखने लगी। अस्पताल में मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे संभाला। इस दौरान खून से सनी टीशर्ट पहने मनोज भी एक कोने में रो रहे थे।
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