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यीडा सिटी में बच्चों के लिए 100-100 बेड के दो अस्पताल बनेंगे

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ग्रेटर नोएडा। कोरोना की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों पर होने का अंदेशा है। इसे देखते हुए यमुना प्राधिकरण ने बड़ा फैसला लिया है। सेक्टर-18 व 20 में 100-100 बेड के दो अस्पतालों के लिए जमीन दी जाएगी। 10 माह में अस्पताल बना देने वालों को जमीन देने में प्राथमिकता दी जाएगी। दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर ने जिले के स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। सरकारी हो या निजी अस्पताल, हर जगह मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। समय से इलाज न मिलने से कई लोग जान गंवा चुके हैं। अब तीसरी लहर और भयावह होने की आशंका जाहिर की जा रही है और इसमें सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ने की बात कही जा रही है। बच्चों के लिए फिलहाल जिले में बहुत कम स्वास्थ्य सुविधाएं हैं। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने सेक्टर-18 व 20 में दो अस्पताल बनवाने की योजना बनाई है। प्राधिकरण दो बड़े भूखंड आवंटित करेगा। अगर बड़े अस्पताल आगे आए तो प्लॉटों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। प्राधिकरण ने प्लॉट चिह्नित कर लिए हैं। इसकी शर्त यही होगी कि 10 माह में अस्पताल बना देने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। आवेदन के लिए अगले सप्ताह योजना का रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल निकालेगा।
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सभी स्वास्थ्य केंद्रों की दशा सुधरेगा यीडा
जेवर के बाद यमुना प्राधिकरण ने अब रबूपुरा व दनकौर के स्वास्थ्य केंद्रों की दशा सुधारने का निर्णय लिया है। रबूपुरा में सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जबकि दनकौर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यहां सुविधाएं अपडेट की जाएंगी। इन पर बहुत जल्द काम शुरू होगा। इनमें भर्ती होने वाले मरीजों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इनमें भी बच्चों के इलाज की अलग से सुविधा दी जाएगी। इसका खर्च प्राधिकरण वहन करेगा। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने यीडा के इस फैसले को सराहा है।
लोगों को फ्री एंबुलेंस व चिकित्सा परामर्श
यमुना प्राधिकरण के अधीन गांव वासियों के लिए जल्द ही फ्री एंबुलेंस की सुविधा शुरू हो जाएगी। प्राधिकरण ने दो एंबुलेंस किराये पर लेने का निर्णय लिया है। ये एंबुलेंस यीडा सिटी के ऑक्सीजन रिफिल सेंटर पर खड़ी रहेंगी। सेंटर के नंबर पर ही कॉल करके एंबुलेंस भी मंगाई जा सकेगी। साथ ही यीडा तीन चिकित्सकों का पैनल जल्द बनाने जा रहा है, जो कि कोरोना संक्रमितों को टेलीफोन से निशुल्क परामर्श देंगे। यीडा ने इन सुविधाओं के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। अगले सप्ताह से ही इसे भी शुरू करने की योजना है।
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जेवर में 100 बेड का कोविड अस्पताल शुरू
कोरोना संकट के दौरान जेवर के निवासियों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। लोगों को 100 बेड का कोविड अस्पताल मिल गया है। यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह व जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को इस कोविड-एल 1 अस्पताल का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुभारंभ किया। मरीजों के लिए इस अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर मौजूद रहेंगे। हालांकि, पहले दिन एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ। इस अवसर पर जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि इस सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को स्वंयसेवी संस्था, नोएडा पुलिस व यमुना प्राधिकरण के सहयोग से कोविड अस्पताल बनाया गया है। डॉ. अरुणवीर सिंह ने कहा कि यह कोविड अस्पताल ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के कल्याण के लिए काम करेगा। प्राधिकरण भविष्य में भी इस अस्पताल में हरसंभव सहयोग करेगा।
100-100 बेड के दो अस्पतालों के लिए योजना तैयार की गई है। बहुत जल्द आवेदन मांगे जाएंगे। कोशिश रहेगी कि अगले 10 माह में ये अस्पताल बन जाएं। रबूपुरा व दनकौर के स्वास्थ्य केंद्रों की दशा भी सुधारी जाएगी, ताकि स्थानीय निवासियों को बेहतर इलाज मिल सके। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यीडा
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