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बिजली कटौती से ऑक्सीजन कंसट्रेटर बंद, उधार के इनवर्टर से बांधी सांसों की डोर

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नोएडा। सोरखा गांव में रहने वाले रामनाथ कुशवाहा के लिए बुधवार की रात काटना मुश्किल हो गया। तेज हवाओं और बारिश की वजह से बिजली चली गई और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बंद हो गया। ऐसे में इनका ऑक्सीजन लेवल 62 तक पहुंच गया गया था। परिजनों ने पड़ोसियों से मांगकर इनवर्टर से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चलाया गया, तब जाकर सांसों की डोर बांधी जा सकी। अमित कुशवाहा ने बताया कि अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे थे। इस कारण घर में ही डॉक्टर की सलाह पर ताउजी का इलाज चल रहा है। वो पहले से बेहतर हैं, लेकिन बुधवार रात बहुत खराब रही। बिजली गुल हो जाने से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं चल पा रहा था। आसपास के लोगों की मदद से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर शुरू हो पाया, तब ऑक्सीजन का स्तर 90 पहुंचा।
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हिमगिरी अपार्टमेंट निवासी 67 वर्षीय पीएस जैन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं चलने की वजह से पत्नी को हाथ के पंखे से राहत देते रहे। कई अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने नहीं उठाया। कंसंट्रेटर हटने की वजह से ऑक्सीजन का स्तर 86 और 87 पहुंच गया था। उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले ही 57 वर्षीय पत्नी मानस अस्पताल से डिस्चार्ज हुई हैं। डॉक्टर ने कहा था कि घर पर कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन देते रहना। धीरे-धीरे ऑक्सीजन लेवल सामान्य हो जाएगा। बुधवार शाम 6 बजे से गई लाइट बृहस्पतिवार की दोपहर 12:30 बजे तक नहीं आई। कुछ लोगों ने परेशानी को देखते हुए दूसरे ब्लॉक से 5 मीटर का तार डालकर घर पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चलाया।
बिजली की आवाजाही ने बढ़ाई समस्या
बुधवार को तेज हवा और बारिश के बाद से कई सेक्टरों की बिजली गुल हो गई। कुछ सेक्टरों में 24 घंटे तक बिजली नहीं आई। वहीं, अधिकांश जगहों पर आवाजाही से लोगों को परेशान होना पड़ा। ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर रह रहे मरीजों की जान पर बन आई। सेक्टर-40, 61, 51, 35, 50, 36 समेत कई सेक्टरों के ब्लॉक कटौती से प्रभावित हुए। इस समय जिले में 2714 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। इसमें से बहुत से मरीजों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगे हैं। कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों के भी मरीज ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का प्रयोग करते हैं। ऐसे में उनके लिए रात काटना मुश्किल हो गया। विद्युत निगम के पास रातभर फोन आने का सिलसिला लगा रहा। निगम के अनुसार, बिजली जल्द शुरू करने को लेकर 50 से ज्यादा कॉल आई हैं। वहीं, पुरानी सोसाइटी और सेक्टरों में सबसे ज्यादा परेशानी हुई है। यहां बैकअप नहीं था। लोगों के घरों में इनवर्टर लगे थे, इससे ज्यादा देर तक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं चल सकता था। हालांकि, नई सोसाइटी में बैकअप होने से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर वाले मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
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रात को ऑक्सीजन सिलिंडर का करना पड़ा इंतजाम
देवेंद्र वत्स ने बताया कि सेक्टर-34 धवलगिरी अपार्टमेंट में एक लड़के को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगा है। लाइट नहीं आने की वजह से परिजनों को ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम करना पड़ा है। ये रात बहुत मुश्किल भरी रही। लोगों ने बताया कि तेज हवा चलने पर पेड़ तारों में उलझ गए। इससे कई सेक्टरों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। सेक्टर-50 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विमल शर्मा ने बताया कि हार्टिकल्चर विभाग को पहले कहा गया था कि वो पेड़ों की छंटाई करवा दें, लेकिन नहीं किया गया। इसका परिणाम बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह भुगतना पड़ा।
24 घंटे टीमें कर रही काम
मुख्य अभियंता वीएन सिंह ने बताया कि लोकल फॉल्ट की वजह से कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति में समस्या आई थी। टीम लगाकर तत्काल फाल्ट को सही कराया गया। रातभर टीम फॉल्ट ठीक करने में लगी थी। कल रात मेरे पास 15 से 20 कॉल आई थीं। इसके अलावा अन्य अधिकारियों के पास भी लगातार फोन आ रहे थे। आपूर्ति बेहतर बनाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में ऐसी परेशानी न आए, इसका ध्यान रखा जाएगा। वहीं, डॉक्टर दीपक ओहरी, सीएमओ का कहना है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले कुछ मरीजों को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर लगे हैं, लेकिन विभाग के पास परेशानी से संबंधित कॉल नहीं आई।
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