मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा रहे मौजूद
मेट्रो फेज-4 के सबसे गहरे भूमिगत हिस्से पर टनल तैयार की गई है
27.0 मीटर गहराई पर बनाई गई है टनल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने मंगलवार को एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर (गोल्डन लाइन) के इग्नू स्टेशन (छतरपुर मंदिर से) पर टनल बनाने का काम पूरा कर लिया है। मेट्रो फेज-4 के सबसे गहरे भूमिगत हिस्से पर टनल तैयार की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे।
यह टनल औसत 27.0 मीटर (न्यूनतम गहराई 15.0 मीटर और अधिकतम 39 मीटर) की गहराई पर बनाई गई है। इसी काॅरिडोर के लिए छतरपुर मंदिर और इग्नू के बीच एक और समानांतर टनल का काम बीते 25 फरवरी को पूरा हुआ था। अब इस पर अप और डाउन दोनों लाइनों पर टनल बनाने का काम पूरा हो गया है। इस टनल में लगभग 1048 रिंग लगाए गए हैं, जिनका आंतरिक व्यास 5.8 मीटर है। इसके निर्माण के लिए ईपीबीएम (अर्थ प्रेशर बैलेंसिंग मेथड) की तकनीक का उपयोग किया गया, जिसमें प्रीकास्ट टनल रिंग से बनी कंक्रीट लाइनिंग है। टनल तैयार करने के दौरान खड़ी ढलान के साथ अभ्रक और कठोर चट्टानों सहित विभिन्न भू-विज्ञान की चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
टनल 1460.00 मीटर लंबी है। इसके निर्माण में 97 मीटर लंबी टीबीएम मशीन का उपयोग किया गया है। बता दें कि दिल्ली मेट्रो ने पिछले चार सप्ताह में तीन टनल का निर्माण पूरा किया है। इसमें 25 फरवरी को इग्नू मेट्रो स्टेशन साइट पर 1.4 किमी, 6 मार्च को बसंत कुंज मेट्रो स्टेशन साइट पर 1.5 किमी और मंगलवार को इग्नू मेट्रो स्टेशन साइट पर 1.4 किमी लंगी टनल का निर्माण पूरा हुआ है।
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कॉरिडोर के दो स्टेशन दो हिस्सों में बंटे होंगे
गोल्डन लाइन पर बन रहे खानपुर और आंबेडकर नगर स्टेशन का डिजाइन खास होगा। यह दिल्ली का पहला ऐसा स्टेशन होगा, जो दो हिस्सों में बंटा होगा। ये स्टेशन महरौली-बदरपुर रोड के दोनों तरफ बने होंगे और एक 45 मीटर लंबा पुल इन्हें जोड़ेगा। बताया जा रहा है कि जगह की कमी की वजह से ऐसा किया जा रहा है। 2026 तक ये कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाएगा और इससे दक्षिणी दिल्ली में सफर करना आसान हो जाएगा। इन दोनों स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म दो अलग-अलग इमारतों में होंगे। इन दोनों इमारतों को जोड़ने के लिए फुट ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में आसानी होगी। इसके अलावा, साकेत जी ब्लॉक और संगम विहार मेट्रो स्टेशन के बीच लगभग चार किलोमीटर लंबा डबल-डेकर पुल भी बनाया जा रहा है। इस पुल के ऊपर मेट्रो चलेगी और नीचे गाड़ियां चलेंगी।
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15 स्टेशनों में से 11 भूमिगत
गोल्डन लाइन कॉरिडोर 23.6 किलोमीटर लंबा है। इसमें 19.343 किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत है। यह कॉरिडोर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन को वॉयलेट लाइन से जोड़ेगा। इसमें 15 स्टेशन होंगे जिसमें 4 एलिवेटेड व 11 भूमिगत होंगे। इसके शुुरुआती स्टेशन तुगलकाबाद को मेट्रो हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए मेट्रो के फेज-4 के तहत गोल्डन लाइन तुगलकाबाद-एयरोसिटी के निर्माणाधीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन को मौजूदा वॉयलेट लाइन के एलिवेटेड स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इससे दक्षिण दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम के यात्रियों का आईजीआई एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।