ग्रेटर नोएडा। यमुना विकास प्राधिकरण की बुधवार को 74वीं बोर्ड बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। एक सितंबर से यमुना एक्सप्रेसवे से सफर करना महंगा हो जाएगा। प्राधिकरण ने ग्रेनो से आगरा तक टोल दरें बढ़ा दी हैं। दोपहिया और ट्रैक्टर को टोल बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है।
इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट से नॉलेज पार्क तक मेट्रो कॉरिडोर, एयरपोर्ट से फिल्म सिटी व औद्योगिक सेक्टरों तक पॉड टैक्सी और टप्पल-बाजना में लॉजिस्टिक पार्क व वेयर हाउसिंग बनाने पर मुहर लगाई गई है। हालांकि, नॉलेज पार्क से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक बनने वाली मेट्रो लाइन की फिर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा आवासीय भूखंड की संपत्तियों का ट्रांसफर शुल्क पांच फीसदी से घटाकर ढाई फीसदी कर दिया गया है। आवंटियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) भी एक सितंबर से लागू कर दी जाएगी।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देश पर जेपी इंफ्राटेक कंपनी ने यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा पर 130.54 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस कारण पिछली बोर्ड बैठक में भी जेपी की ओर से टोल दरें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। साल-2019 से दरें नहीं बढ़ाई गईं थीं, इसलिए इस बार प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। निजी वाहन स्वामियों को अब 10 पैसे प्रति किमी के अनुसार 16 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसी तरह व्यावसायिक वाहनों के लिए 25 पैसे और बड़े व्यावसायिक वाहनों के लिए 60 से 95 पैसे तक दरें बढ़ाई गई हैं। बैठक में प्राधिकरण के चेयरमैन व औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार, सीईओ यमुना प्राधिकरण डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ ग्रेनो प्राधिकरण सुरेंद्र सिंह, सीईओ नोएडा रितु माहेश्वरी और एसीईओ यमुना प्राधिकरण रविंद्र कुमार व मोनिका रानी आदि मौजूद रहे।
जेवर से नॉलेज पार्क तक मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी
नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ने के लिए करीब 72.5 किमी का कॉरिडोर बनेगा। बोर्ड ने जेवर से नॉलेज पार्क तक 35.3 किमी लंबे ट्रैक को बनाने की अनुमति दी है। इस पर 5329 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और करीब 3.5 किमी का कॉरिडेेर भूमिगत होगा। ग्रेनो के नॉलेज पार्क दो से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक 37.2 किमी के कॉरिडोर की फिर से डीपीआर बनाने के लिए कहा गया है। सेक्टर-142 तक एक्वालाइन चल रही है और इसी तरह अशोक नगर से अक्षरधाम तक मेट्रो है, इसलिए एक बार फिर इस पर डीपीआर और फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी गई है। इस ट्रैक पर करीब 7600 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जेवर से दिल्ली तक कुल 13 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
बिना चालक के दौड़ेगी पॉड टैक्सी
भारत सरकार की कंपनी इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कारपोरेशन की ओर से एयरपोर्ट से फिल्म सिटी के बीच बिना चालक की पॉड टैक्सी चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें नोएडा एयरपोर्ट से सभी औद्योगिक सेक्टरों को जोड़ा जाएगा। सेक्टर-28, 29, 32, 33, 34 में औद्योगिक इकाइयां हैं। ऐसे में यहां पर लोगों का आना-जाना अधिक है। इस कारण इन सेक्टरों से भी पॉड टैक्सी को जोड़ा जाएगा। एक ट्रैक एयरपोर्ट से फिल्म सिटी और दूसरा एयरपोर्ट से औद्योगिक सेक्टरों तक बनेगा। इसमें फिल्म सिटी, रबूपुरा का पश्चिमी भाग, सेक्टर-34 का दक्षिणी विभाग, 130 मीटर चौड़ी सड़क पर सेक्टर-28 व 33 के बीच में सेक्टर-33, टॉय पार्क, 75 मीटर चौड़ी सड़क पर सेक्टर-29 व 32 के जंक्शन पर सेक्टर-32, अपैरल पार्क, सेक्टर-29, 75 मीटर चौड़ी सड़क पर सेक्टर-29 व 32 का जंक्शन, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, 60 व 75 मीटर चौड़ी सड़क का जंक्शन और एयरपोर्ट के पास स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। किराया भी 8 रुपये प्रति किमी प्रति तय किया जाएगा।
टप्पल-बाजना में लॉजिस्टिक पार्क से मिलेंगे रोजगार
टप्पल-बाजना में लॉजिस्टिक पार्क व वेयर हाउसिंग परियोजना को विकसित करने की योजना को मंजूरी मिल गई है। 160 हेक्टेयर में 1040 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और दोनों परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इनकी डीपीआर भी मिल गई है। जल्द ही रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) निकालकर काम शुरू कराया जाएगा। इससे रोजगार विकसित होंगे। साथ ही, क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा।
मास्टर प्लान-2041 को मंजूरी, शासन में जाएगा प्रस्ताव
बोर्ड ने मास्टर प्लान-2041 को भी मंजूरी दी है। इस प्रस्ताव को अब शासन को भेजा जाएगा। वहां से पास होने के बाद एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को भेजा जाएगा। यहां से मंजूरी मिलने के बाद यूरोप की तर्ज पर करीब 12 हजार हेक्टेयर जमीन को विकसित किया जाएगा। 2041 तक यमुना सिटी की आबादी 35 लाख के करीब होगी। ऐसे में यहां पर आठ लाख घरों की जरूरत पड़ेगी। मास्टर प्लान में मिश्रित भू-उपयोग की योजना पर काम किया जाएगा। प्रत्येक सेक्टर में श्रमिक झुग्गी की जगह घरों में रहेंगे। मिक्स लैंड यूज में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, वेयर हाउसिंग व एजुकेशन सेक्टर विकसित किए जाएंगे। साथ ही, फ्रेट कॉरिडोर, पॉड टैक्सी, सिटी बस, ऑटो स्टैंड, रिक्शा स्टैंड, डिपो आदि की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा ऑन स्ट्रीट और ऑफ स्ट्रीट पार्किंग की सुविधा मिलेगी। लॉजिस्टिक सिटी, फन सिटी, स्पोर्ट्स सिटी का भी प्रस्ताव दिया गया है। फाइनेंशियल, इलेक्ट्रॉनिक व एयरोट्रोपोलिस सिटी भी बसाई जाएगी।
ओटीएस में 31 अक्तूबर तक करना होगा आवेदन
प्राधिकरण ने 12 हजार बकायेदार आवंटियों के लाभ देने और अपनी राशि को लेने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को पास कर दिया है। इसमें एक सितंबर से 31 अक्तूबर तक आवेदन करने हाेंगे। इसमें वह आवंटी भी शामिल हैं जो कोर्ट गए थे, इन्हें 64 फीसदी अतिरिक्त देना है। सीईओ ने बताया कि आवंटियों पर 694.27 करोड़ रुपये बकाया हैं। सभी तरह की संपत्तियों को फायदा होगा।
ट्रांसफर शुल्क पर मिलेगी ढाई फीसदी की छूट
प्राधिकरण संपत्तियों के ट्रांसफर पर अभी तक पांच फीसदी शुल्क लेता था अब इसे घटाकर ढाई फीसदी कर दिया गया है। यह योजना आवासीय भूखंडों पर लागू होगी। प्राधिकरण में परिसंपत्तियों पर अभी तक अविवाहित पुत्री को ही बिना शुल्क के संपत्ति का हस्तांतरण किया जाता था। अब विवाहित पुत्री को भी बिना शुल्क के नामांतरण किया जा सकेगा।