फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यातायात माह: एक्सप्रेसवे पर हादसों को न्योता दे रहा बसों में मुनाफे का जुगाड़

विज्ञापन
विज्ञापन
यातायात माह : एक्सप्रेसवे पर हादसों को न्योता दे रहा बसों में मुनाफे का जुगाड़
विज्ञापन


साधारणों बसों को मॉडिफाई कर बनाई जा रही डबल डेकर और स्लीपर
एसी, टीवी और म्यूजिक सिस्टम के लोड से बढ़ता है शार्ट सर्किट का खतरा


जेपी शर्मा

ग्रेटर नोएडा। नोएडा-ग्रेनो और यमुना एक्सप्रेसवे पर अतिरिक्त किराया वसूलने के लालच में बसों में मुनाफे का जुगाड़ कर दौड़ाया जा रहा है। ट्रांसपोर्टर साधारण बसों को मॉडिफाई कर डबल डेकर और स्लीपर में तब्दील कर रहे हैं। अधिक किराया वसूलने के लिए साधारण बसों में एसी, टीवी और म्यूजिक सिस्टम की सुविधा दी जा रही है। यातायात माह में भी यह जुगाड़ यात्रियों की जान पर भारी पड़ रहा है। इससे शाॅर्ट सर्किट के कारण आगजनी का खतरा बढ़ रहा है। बुधवार को दो बसों के आग लगने के बाद बृहस्पतिवार को चले अभियान में इसकी पुष्टि हुई है।
यमुना एक्सप्रेसवे से 440 से अधिक डबल डेकर और एसी बसें दिल्ली-नोएडा से बिहार तक फर्राटा भरती हैं। होली, दिवाली और छठ पूजा पर यह बस ओवरलोड होकर यमुना एक्सप्रेसवे पर दौड़ती हैं। बुधवार को पहले नोएडा सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे और फिर नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट के पास इसी तरह की एक बस में आग लग गई।
विज्ञापन


जांच में सामने आया कि दोनों बसों में केबिन साइड में सबसे पहले आग लगी थी। आशंका है कि दोनों हादसे शाॅर्ट सर्किट की वजह से हुए। जानकारी होते ही सवारियां बाहर निकल आईं। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन बसें पूरी तरह से जल गईं। हादसे के बाद दोनों बसों के चालक, क्लीनर और परिचालक भाग निकले। पुलिस ने बस नंबर के आधार पर मालिक की पहचान कर पूछताछ के लिए बुलाया है।


-
कागजों में साधारण और सड़क पर लग्जरी बस
एसीपी यातायात पवन कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को डीएनडी दिल्ली से आने वाली बसों की जांच की गईं। यह बसों में नियमों को ताक पर रखकर एक्सप्रेसवे पर दौड़ रही थीं। जांच में यह भी पता चला कि कागजों में कई बसें साधारण हैं। इन्हें नियम खिलाफ मॉडिफाइ किया गया है।
-
वायर और बैटरी पर बढ़ता है लोड
तकनीशियन कपिल नागर ने बताया कि कंपनी किसी भी वाहन का निर्माण करते समय उसकी क्षमता के हिसाब से बॉडी, उपकरण का प्रयोग करती है, लेकिन कुछ लोग मॉडिफाई कर वाहन को अपने हिसाब से ढाल लेते हैं। इससे वाहन में आगजनी की आशंका बढ़ जाती है। अतिरिक्त एसी, म्यूजिक सिस्टम और टीवी लगाने से वायर और बैटरी पर लोड बढ़ता है। इसके अलावा वायर कट कर नए वायर जोड़ने से भी शार्ट सर्किट और आगजनी का खतरा बढ़ जाता है।
विज्ञापन





-
डबल डेकर बसों के हादसे
- 15 नवंबर, 2023 : दो डबल डेकर-स्लीपर बस में नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगी आग
- पांच नवंबर, 2022 : आगरा में डबल डेकर बस सरिया के ट्रक से टकराई, 12 यात्री घायल

- 29 मार्च, 2019 : डबल डेकर बस खड़े ट्रक से टकराई हादसे में आठ की मौत, 30 घायल
- आठ जुलाई, 2019 : आगरा में डबल डेकर बस 30 फीट नाले में गिरी 29 की मौत, 18 घायल


-
यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों और बसों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। बसों को नियम विरुद्ध मॉडिफाई करने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में पूर्व में भी एआरटीओ को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है, फिर से अवगत कराया जा रहा है। - अनिल कुमार यादव, डीसीपी यातायात
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें