किसानों के चक्का जाम को लेकर तैनात जवान
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नूंह/ फिरोजपुर झिरका। तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को गुरुग्राम-अलवर हाईवे और मुंडका बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों ने तीन घंटे तक चक्का जाम किया। इस कारण कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस और प्रशासन ने चक्का जाम से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम किए थे। पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहनों को निकाला। इसके अलावा हाईवे के मुख्य चौक, चौराहों पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे। नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद और मेवात के सामाजिक कार्यकर्ता भी चक्का जाम के समर्थन में मुंडका बॉर्डर पहुंचे। इनके अलावा रामगढ़, राजस्थान से कांग्रेस विधायक साफिया जुबेर राजस्थान बॉर्डर पर चक्का जाम के दौरान किसानों के साथ धरने पर बैठी। वहीं, जिले में कई स्थानों पर स्थिति सामान्य रही।
इस दौरान विधायक आफताब अहमद ने कहा कि नए कृषि कानून किसान विरोधी कानून हैं। इन कानूनों से बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को फायदा होगा। ये केवल किसानों का आंदोलन ही नहीं बल्कि देश के हर नागरिक का आंदोलन बन गया है। सभी देशवासी किसानों के साथ खड़े हैं और मुट्ठी भर सत्ता से जुड़े स्वार्थी लोग ही किसानों के खिलाफ घर-घर जाकर कृषि कानूनों के फायदे गिना रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान की सभी मांगें जायज हैं और तीनों काले कानून रद्द होने चाहिए। आंदोलन में सैकड़ों किसान शहीद हो चुके हैं, लेकिन भाजपा सरकार समस्या का समाधान करने के बजाय किसानों को बदनाम कर रही है। उन्होंने कहा कि जीवन में पहली बार देखा कि किसानों को रोकने के लिए सड़कों को खुदवा दिया गया। इसके अलावा कीलें सड़क पर लगा दी गईं। वहीं, जाम के कारण क्षेत्रीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यातायात प्रभावित होने से अधिकांश लोग पदयात्रा कर अपने गंतव्य तक पहुंचे। जिला प्रशासन की ओर से भी व्यापक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। हाईवे के मुख्य चौक, चौराहों पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात दिखे। थाना प्रबंधक रमेश चंद ने बताया कि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। किसानों के प्रदर्शन और चक्का जाम का असर क्षेत्र में देखने को नहीं मिला। वहीं, पुलिस ने जाम से निपटने के लिए रूट को डायवर्ट किया था।
तावडू में नहीं दिखा असर
तावडू। किसान संगठनों के चक्का जाम का असर तावडू क्षेत्र में नहीं दिखा। हालांकि, इस दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। केएमपी एक्सप्रेसवे पर भी वाहनों का आवागमन सामान्य रहा। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और खुफिया विभाग भी शनिवार सुबह से सतर्क था। पुलिस ने कई जगहों पर बैरिकेड लगाकर संदिग्ध लोगों पर नजर रखी। तावडू शहर थाना प्रभारी ओमबीर सिंह पुलिस टीम के साथ स्थिति का निरीक्षण करते रहे। केएमपी टोल प्लाजा प्रबंधक नेहरू मीणा ने बताया कि प्रशासन भी किसानों के चक्का जाम को लेकर सतर्क था। टोल पर भी पुलिस टीम तैनात रही। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार तावडू महेंद्र सिंह भी क्षेत्र में दौरा करते रहे।