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खिलौना कंपनी में लगी आग, 100 से ज्यादा कर्मियों ने भागकर बचाई जान

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सेक्टर-63 की फैक्टरी में लगी आग।
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खिलौना कंपनी में लगी आग, 100 से ज्यादा कर्मियों ने भागकर बचाई जान
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नोएडा। फेस-3 थाना क्षेत्र के सेक्टर-63 में बुधवार दोपहर खिलौने बनाने वाली कंपनी में आग लग गई। स्टोर रूम से शुरू हुई आग की लपटों ने थोड़ी ही देर में तीन मंजिला इमारत को चपेट में ले लिया। आग लगते ही भगदड़ मच गई है और कंपनी में काम कर रहे 100 से अधिक कर्मचारी भागकर अपनी जान बचाई। देर रात तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। 22 दमकल वाहन आग बुझाने में जुटे थे। इनमें से ज्यादातर वाहनों ने पानी भरने के लिए कई चक्कर लगा चुके थे। आग से करोड़ों का नुकसान हुआ है। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
सेक्टर-63 डी-144 स्थित नियो क्राफ्ट इंपैक्स प्राइवेट लिमिटेड नामक खिलौना कंपनी है। इस इकाई में ज्यादातर लकड़ी के ज्यादातर खिलौने बनाए जाते हैं। बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे कर्मचारी लंच करने के बाद काम पर लौटने लगे। इस बीच कंपनी के भूतल पर स्थित स्टोर रूम में आग लगने की सूचना से कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। तेजी से बढ़ी आग की लपटों ने तीन मंजिला इमारत को चपेट में ले लिया। कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने फायर सिस्टम से आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन आग का भयंकर रूप देखकर कर्मचारी बाहर भाग गए।
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आग बुझाने के लिए हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म की भी सहायता ली गई। सीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। आग बुझ जाने के बाद आगे की जांच की जाएगी। फिलहाल शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
पड़ोस की कंपनियां कराई खाली
आग की लपटें बढ़ती देख पुलिस और अग्निशमन विभाग ने आननफानन में आसपास की कंपनियों को खाली करा दिया। जिसके बाद सड़क पर सैकड़ों की तादात में कर्मचारी एकत्रित हो गए। इसकी वजह से दमकल कर्मियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। बताया जा रहा है कि दमकल के पहुंचने से पहले कंपनियों के फायर सिस्टम से भी आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं नहीं।
रास्ता भटके दमकल वाहन
आग पर काबू पाने के लिए नोएडा के अलावा ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद से भी दमकल वाहनों को बुलाना पड़ा। गाजियाबाद के दमकल वाहन रास्ता भटक गए और काफी देर तक शहर की सड़कों पर भटकते रहे। हालांकि, इस बीच शहर की कुछ निजी कंपनियों के दमकल वाहन भी मौके पर पहुंच चुके थे।
आग लगी भागो.... सुनते ही दौड़े कर्मचारी
कर्मचारियों ने बताया कि लंच के बाद सभी काम पर लौट रहे थे। इतने में ही आग लगी भागो-भागो का शोर सुनाई दिया और परिसर में भगदड़ मच गई। अधिकांश कर्मचारी बाहर निकल चुके थे। जबकि इसकी कंपनी की सेक्टर के एफ ब्लॉक में स्थित कर्मचारियों को सामान निकलवाने में मदद के लिए भेजा गया। कुछ कर्मचारी अंदर जाकर सामान बचाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन खास सफलता नहीं मिली और आग की लपटें उठती देख बाहर आ गए। हालांकि, दमकल कर्मचारियों की मदद के लिए कुछ कर्मचारी कंपनी परिसर में ही डटे रहे।
हादसे ने फेर दिया अरमानों पर पानी
शनिवार को मुहर्रम का त्योहार है। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि लंच टाइम में कपड़ों की खरीदारी करके वापस लौटे थे। आग की लपटें ऐसी उठीं की अपना सामान तक बचाने का समय नहीं मिला। कोई टिफिन बॉक्स तो कोई चप्पल अंदर छोड़कर ही बाहर की तरफ भाग निकला। नियो क्राफ्ट के कर्मचारियों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान ढाई महीने तक कंपनी बंद रही। बुधवार की घटना ने एक बार फिर कर्मचारियों को चिंता इस बात की भी है कि अब सैलरी मिलेगी या नहीं।
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2017 में कंपनी के एफ ब्लॉक यूनिट में लगी थी आग
खिलौनों का निर्यात करने वाली नियो क्राफ्ट कंपनी की एफ ब्लॉक यूनिट में मई 2017 में आग लगी थी। उस हादसे की वजह भी शॉर्ट सर्किट बताया गया। बुधवार को इसी कंपनी की दूसरी इकाई में आग लगने की घटना सिस्टम पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अहम है कि नोएडा की औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं।
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