- उपराज्यपाल ने विभिन्न एजेंसी को दिया निर्देश, कहा निश्चित समय सीमा के साथ तैयार करें योजना
-उपराज्यपाल ने लावारिस पड़े नक्काशीदार पत्थरों और अवशेषों को अलग कर संग्रहित करने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी के एतिहासिक स्थलों के दिन भी बहुरेंगे। इसकी कमान भी दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने संभाल ली है। उन्होंने बलबन के मकबरे, जमाली-कमाली मस्जिद, राजाओं की बावली के लिए जल्द से जल्द एक निश्चित समय सीमा के साथ एक पुनरुद्धार योजना पर काम करने को कहा है।
शनिवार को केंद्रीय राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखे के साथ उपराज्यपाल ने महरौली आर्किलोजिकल पार्क में कई ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने, क्षेत्र का संरक्षण करने के लिए एक तय सीमा में एक योजना बनाने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने अधिकारियों को इमारतों की मरम्मत पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। वहीं उपराज्यपाल ने कहा कि ऐतिहासिक स्थल पर पाए गए नक्काशीदार पत्थर और महत्वपूर्ण अवशेषों को संरक्षित करने और सभी महत्वपूर्ण अवशेषों को एक संग्रहालय में रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरक्षित संजय वन में मौजूद बावली का भी निरीक्षण किया।
भोजनालय की व्यवस्था के दिए निर्देश:
उपराज्यपाल ने कहा कि महरौली के आर्किलोजिकल पार्क में कुछ क्षेत्र एएसआई और कुछ डीडीए के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए विभागों को अपने बीच सभी मतभेदों को दूर कर जीर्णोद्धार एवं विकास कार्यों को समय से पूरा करना होगा। इसके बाद उन्होंने साइटों पर आने वाले हजारों पर्यटकों के लिए डीडीए को व्यापक लैंडस्केपिंग करने और एक भोजनालय के विकास की सुविधा प्रदान करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौर दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।