अच्छी पैदावार से किसानों को भी होगा लाभ, घटते दाम से मुनाफे में कमी की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। हर बार की तरह इस बार भी जिले में टमाटर की बंपर पैदावार के चलते पूरे एनसीआर में धूम मचा दी है। इससे न केवल टमाटर के दामों में बड़ी गिरावट आई है, बल्कि अच्छी पैदावार से किसानों को भी अच्छी आमदनी की उम्मीद दिखाई दे रही है।
करीब एक सप्ताह पहले तक स्थानीय सब्जीमंडी में टमाटर 40 रुपये से 60 रुपये प्रतिकिलोग्राम के भाव से ग्राहक को खरीदना पड़ रहा था, वहीं मेवात का टमाटर मंड़ी में आने से बुधवार को नूंह की मंड़ी में 10 रुपये से 20 रुपये किलोग्राम के भाव में ग्राहकों ने खरीदा। ग्रामीण रुकमुद्दीन, साहिद, रमेश, रोहताश आदि ने बताया कि अच्छी क्वालिटी का देसी टमाटर इतने सस्ते दाम में खरीदकर बहुत अच्छा लग रहा है। वहीं सब्जी आढ़ती थान सिंह, मोहम्मद जैद, मोहम्मद सुल्तान, रामसिंह आदि ने बताया कि जैसे ही लोकल टमाटर आया है एकदम से दाम आधे से भी कम हो गए है।
पैदावार अच्छी लेकिन दाम घटने से बढ़ेगी परेशानी :
टमाटर की खेती करने वाले फिरोजपुर झिरका के किसान सागर, पुष्पेंद्र, मोहम्मद इलियास, महूं चोपड़ा के ईसब, सौंख के देवेंद्र सैनी, गिर्राज सैनी आदि ने बताया कि इस बार उन्होंने बागवानी विभाग की नई तकनीकों व मार्गदर्शन का प्रयोग किया, जिससे बहुत अच्छी फसल हुई है। लेकिन भाव में कमी आने से उनका मुनाफा भी घट गया है। हालांकि अच्छी पैदावार के चलते उनकी आमदनी ठीक-ठाक हो जाएगी।
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रोगों का प्रकोप रहा कम :
इस वर्ष टमाटर की फसल में रोगों का प्रकोप कम रहने के कारण बंपर पैदावार होने का अनुमान है। बेहतर उत्पादन से किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल बना हुआ है। किसानों ने बताया कि जैसे ही मार्च माह में जिले का टमाटर मंडियों में पहुंचता है तो पूरे दिल्ली-एनसीआर में टमाटर के भाव गिरने लग जाते है।
प्रधानमंत्री धनधान्य योजना के तहत बढ़ेगा बागवानी क्षेत्र :
प्रधानमंत्री धनधान्य योजना के अंतर्गत जिला नूंह का चयन किया गया है, जिसके तहत बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से अपील की कि बागवानी विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपनी फसलों का पंजीकरण “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर अवश्य करवाएं तथा आवश्यक दस्तावेज संबंधित ब्लॉक कार्यालय में जमा करें, ताकि उन्हें समय पर अनुदान का लाभ मिल सके।
वर्जन
बागवानी विभाग के अधिकारी नियमित रूप से किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं तथा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान किसानों द्वारा अपनाई जा रही नई तकनीकों जैसे सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग विधि तथा स्टेकिंग तकनीक की सराहना की गई, जिससे पानी की बचत के साथ फसल की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।
डाॅ. अब्दुल रज्जाक, जिला उद्यान अधिकारी