ग्रेटर नोएडा। जिले में आचार संहिता लगने के बाद जब्त की गई धनराशि के दावेदारों में किसी ने शादी तो किसी ने दोस्त से पैसे उधार लेने का सबूत दिया है, जबकि कई दावेदार कपड़ों और पत्थर के कारोबारी हैं। बृहस्पतिवार को जिला व्यय अनुवीक्षण की बैठक में साक्ष्य देने के बाद अब प्रशासन जब्त धनराशि लौटाने पर फैसला लेगा। वहीं, दस लाख से अधिक धनराशि की जांच आयकर विभाग कर रहा है।
जिला प्रशासन की स्टेटिक सर्विलांस टीम, फ्लाइंग स्क्वायड टीम और पुलिस ने मिलकर बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की थी। नोएडा, दादरी और जेवर में 42 मामलों में 6.38 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। इनमें 36 केस ऐसे थे, जिनमें 10 लाख रुपये से कम धनराशि जब्त की गई थी जो करीब 88 लाख रुपये है। अब दावेदार आवेदन कर धनराशि लौटाने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में जिला व्यय अनुवीक्षण टीम ने 36 दावेदारों को साक्ष्य के साथ बुलाया था। 19 दावेदार मौके पहुंचे, जबकि आठ ने ऑनलाइन या ई-मेल से जवाब भेजा।
इनमें पांच दावेदारों ने सबूत पेश किया है कि शादी का सामान लेने जा रहे थे। किसी ने बैंक से निकालकर पैसे लाने का सबूत दिया। एक दावेदार ने बताया कि उसे बीमारी का इलाज कराने के लिए पैसों की जरूरत थी। वह दोस्त से पैसे उधार लेकर आया था। उसने इसके साक्ष्य दिए। वहीं, कई दावेदार कपड़ा व पत्थर व्यापारी और कारोबारी हैं। उन्होंने श्रमिकों को वेतन देने और अन्य काम संबंधी साक्ष्य पेश किए हैं। इनमें कई किसान भी थे जो फसल बेचकर आ रहे थे।
5.51 करोड़ पर आयकर विभाग लेगा फैसला
चुनाव के दौरान कुल 42 में से छह केस में 10 लाख रुपये से अधिक धनराशि जब्त की गई थी। इन छह केस में 5.51 करोड़ रुपये जब्त हुआ था। इन सभी छह केस की जांच आयकर विभाग कर रहा है। आयकर विभाग जांच करने के बाद धनराशि को छोड़ने पर फैसला लेगा। अफसरों ने बताया कि इन छह केस में 3.70 करोड़, 99.30 लाख, 25 लाख, 21.23 लाख, 20 लाख, 15 लाख रुपये जब्त किए गए थे।