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Noida News: एडीजीपी को इंसाफ दिलाने के लिए फूंका जातिवाद का पुतला

Wed, 15 Oct 2025 01:30 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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जिला सचिवालय के सामने पुतला जलाते जन संगठन मंच के पदा​धिकारी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। एडीजीपी वाई पूरण कुमार के समर्थन को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को जन संगठन मंच की तरफ से जिला सचिवालय के सामने अनाज मंडी गेट पर धरना दिया गया। मंच से जुड़े लोगों ने हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करके कड़ी से कड़ी सजा दिलाने को कहा। लोगों ने सचिवालय के सामने जातिवाद का पुतला भी जलाया।
इसके बाद सभी प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम सिटीएम पीयूष गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में लोगों को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के महीपाल सोडे, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से जोत सिंह, सीटू से विनोद त्यागी, किसान सभा अजय भवन से गुरभजन सिंह ने कहा कि वह सभी आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की मौत पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हैं। पूरण कुमार के निधन ने एक बार फिर संस्थानों के भीतर जाति-आधारित भेदभाव को उजागर कर दिया है।
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उन्होंने अपने अंतिम नोट सहित, रिपोर्ट, जातिगत पूर्वाग्रहों में निहित उत्पीड़न, अपमान और भेदभाव की तरफ इशारा किया है। ऐसा कृत्य कोई अकेली त्रासदी नहीं है, बल्कि उन संरचनात्मक असमानताओं का प्रतिबिंब है जो हाशिए पर पड़े समुदायों के सदस्यों को, यहां तक कि लोक सेवा के सर्वोच्च पदों पर होते हुए भी उन्हें खतरे में डालती रहती हैं।
उन्होंने कहा कि इसी तरह के पूर्वाग्रहों का एक परिणाम हाल ही में तब देखने को मिला जब सर्वोच्च न्यायालय में बैठे भारत के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंका गया। हालांकि मुख्य न्यायाधीश ने विशाल हृदय दिखाते हुए कोई कार्रवाई नहीं की। फिर भी संवैधानिकता बनती है कि दोषी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने मांग की कि इस घटनाक्रम पर राष्ट्रपति गंभीरता से संज्ञान लेकर अधिकारी की मृत्यु के कारणों की न्यायिक जांच करवाएं।
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आईपीएस अधिकारी के सुसाइड नोट और उनकी पत्नी अमनीत पी कुमार की ओर से दी गई शिकायत में नामजद आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य धाराओं में दर्ज एफआईआर पर तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उनके परिवार को सुरक्षा और सहायता प्रदान की जाए। वाई पूरण कुमार के लिए न्याय एक नैतिक अनिवार्यता और भारत की लोकतांत्रिक अंतरात्मा की परीक्षा है। संस्थाओं की चुप्पी को व्यवस्थागत जातिगत हिंसा को छिपाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

जिला सचिवालय के सामने पुतला जलाते जन संगठन मंच के पदाधिकारी। संवाद

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