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Noida News: अभी तक 51 फीसदी ही अपार आईडी बन सकी

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गाजीपुर। बेसिक और माध्यमिक के सरकारी एवं निजी विद्यालयों के छात्रों की अपार आईडी बनाने का कार्य जोर नहीं पकड़ पा रहा है। राज्य परियोजना निदेशालय की ओर से 17 सितंबर को जारी डाटा के अनुसार सत्र 2024-25 में जिले के कुल 6 लाख 42 हजार 490 छात्रों में से 51 फीसदी यानी 3 लाख 27 हजार 61 छात्रों की ही अपार आईडी जेनरेट हुई है। इसमें बेसिक में नामांकित 2 लाख 604 में एक लाख पचास हजार 431 छात्रों की अपार आईडी जेनरेट हुई है जो 74.99 फीसदी है। वहीं माध्यमिक में राजकीय स्कूलों में कुल नामांकित 7433 में 66.90 फीसदी यानी 4973 छात्रों की ही अपार आईडी अब तक जेनरेट हुईं है। जिले में 2266 परिषदीय और 28 राजकीय माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए ऑटोमेटिड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में ड्रॉप आउट को खत्म करना है। आईडी बनने के बाद अगर कोई विद्यार्थी स्कूल छोड़ता है तो उसकी आसानी से पहचान की जा सकेगी। आईडी बनने पर विद्यार्थी देश में कहीं भी पढ़ाई करेगा तो उसकी पहचान करना आसान होगा। इस आईडी को विद्यार्थी की पहचान के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है। इसमें विद्यार्थी का नाम, पता, अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड आदि को शामिल किया जाएगा। इससे छात्रों के अंकपत्र उनके यूनीक आईडी पर स्वत: अपडेट हो जाएंगे और डीजी लॉकर के माध्यम से आईडी पर सुरक्षित सभी जानकारी कभी भी और कहीं भी देखी जा सकेगी। प्रभारी बीएसए आलोक कुमार ने बताया कि यू-डायस पोर्टल पर छात्रों की शैक्षिक प्रगति और उनके परीक्षाफल को भी आईडी नंबर से देखा जा सकेगा। एक साथ दो विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की छंटनी भी हो सकेगी। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस काम में तेजी लाने को कहा गया है।
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अभिभावकों से भरवाया जाएगा सहमति पत्र-गाजीपुर। छात्रों की अपार आईडी बनाने से पहले विद्यालयों में अभिभावक गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें अभिभावकों को इसके बारे में जागरूक करके इसके फायदे बताए जाएंगे। साथ ही उनसे सहमति पत्र भरवाया जाएगा। इसके बाद छात्रों की अपार आईडी बनाई जाएगी। आधारकार्ड की तर्ज पर विद्यार्थियों की अपार आईडी पूरी पढ़ाई तक काम करेगी। इससे फर्जीवाड़ा रोकने में मदद मिलेगी। अगर छात्र कोई स्कूल, शहर, जिला, प्रदेश भी बदलता है, तो उसकी आईडी वही रहेगी। विद्यार्थी का सभी एकेडमिक रिकॉर्ड एक क्लिक पर मिलेगा।
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